Cyclone Vayu LIVE updates: सीएम रूपाणी ने कहा-‘वायु’ से अब और अधिक खतरा नहीं, अपने-अपने घरों को लौट सकते हैं लोग
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By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 14, 2019 14:14 IST2019-06-14T07:49:15+5:302019-06-14T14:14:21+5:30

चक्रवात के कारण तटवर्ती क्षेत्र के दर्जन भर तालुकों में गुरुवार सुबह से अभी तक करीब एक ईंच बारिश हुई है।
चक्रवात 'वायु' ने ओमान का रुख करने से पहले भले ही गुजरात के अछूता छोड़ दिया है लेकिन राज्य के तटवर्ती इलाकों में अभी भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों ने यहां बताया कि हालांकि 'तूफान का केन्द्र' यहां से दूर चला गया है, लेकिन चक्रवात के बाहरी दायरे का तटवर्ती क्षेत्रों पर प्रभाव अभी भी होगा। राज्य प्रशासन तटवर्ती क्षेत्रों के निचले इलाकों में रहने वाले करीब तीन लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जा चुका है।
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14 Jun, 19 : 02:14 PM
अपने-अपने घरों को लौट सकते हैं लोग: रूपाणी
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से राज्य को अब और खतरा नहीं है क्योंकि इसने पश्चिम दिशा की ओर रूख कर लिया है। गांधीनगर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद रूपाणी ने प्रशासन को सुरक्षित जगह पर भेजे गये करीब 2.75 लाख लोगों को उनके अपने-अपने घर वापस भेजने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘गुजरात अब पूरी तरह सुरक्षित है। चक्रवाती तूफान ‘वायु’ से अब कोई खतरा नहीं है क्योंकि तूफान अब अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ गया है।’’
उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘‘तटीय इलाकों से करीब 2.75 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया था जो अब अपने-अपने घरों को लौट के लिये स्वतंत्र हैं।’’ उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले तीन दिनों तक शरणार्थियों के दैनिक खर्च के लिये तकरीबन 5.50 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करेगी। यहां के मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार तूफान ‘‘तट से धीरे-धीरे दूर जा रहा है’’ और फिलहाल यह पोरबंदर से करीब 150 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है।
रूपाणी ने कहा, ‘‘स्कूल और कॉलेज कल से अपने नियत समय पर शुरू हो जायेंगे। राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी के लिये तटीय जिलों में नियुक्त किये गये वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को भी वापस आने का निर्देश दे दिया गया है। उन इलाकों में आज से सड़कों पर बस सेवा शुरू हो गयी है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अगले 48 घंटे तक तटीय इलाकों में बने रहेंगे।
14 Jun, 19 : 10:44 AM
वायु के चलते 37 ट्रेनें और रद्द
Western Railway: 37 more mainline trains cancelled and another 9 short terminated with partial cancellation as precautionary measure in view of the #CycloneVayu. pic.twitter.com/jK0Z9VJcMh
— ANI (@ANI) June 14, 2019
14 Jun, 19 : 10:30 AM
चक्रवाती तूफान वायु ने डाला दक्षिण-पश्चिम मानसून पर असर, मुंबई में 7 दिन बाद पहुंचेगा Monsoon
IMD, Mumbai: #CycloneVayu to have an impact on the movement on the South West Monsoon, may take another seven days to reach Mumbai.
— ANI (@ANI) June 14, 2019
14 Jun, 19 : 07:52 AM
क्यों नहीं टला खतरा
अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार का कहना है कि चक्रवात ने भले ही रास्ता बदल लिया हो लेकिन अभी भी खतरा है। उसका प्रभाव तटवर्ती क्षेत्रों में होगा। उन्होंने कहा कि चक्रवात सिर्फ उसके केन्द्र तक सीमित नहीं होता है। इसका दायरा करीब 900 किलोमीटर का है। अभी भी खतरा है और तेज हवाएं और भारी बारिश अभी भी तटवर्ती क्षेत्र को नुकसान पहुंचा सकती हैं। तूफान का प्रभाव महत्वपूर्ण है, वह जगह तक पहुंचा या नहीं, यह नहीं। राज्य सरकार अगले 48 घंटों तक सचेत रहेगी।
14 Jun, 19 : 07:51 AM
खतरा अभी टला नहीं
चक्रवात कुछ देर के लिए उत्तर-उत्तर/पश्चिम की ओर मुड़ेगा और फिर उत्तर/पश्चिम की ओर घुमते हुए सौराष्ट्र तटवर्ती क्षेत्र... गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारिका को प्रभावित करेगा। उस वक्त हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है, गति अगले 12 घंटे में 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।'' गुजरात के मुख्य सचिव जे. एन. सिंह ने कहा, ''हालांकि 'वायु' मैदानी इलाके से दूर जा रहा है, लेकिन अभी भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। हम फिलहाल खतरा टलने की घोषणा नहीं कर रहे हैं।
शुक्रवार सुबह तक हमारी सारी तैयरियां ज्यों की त्यों रहेंगी। हम कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहते।'' गुजरात सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चक्रवात के कारण तटवर्ती क्षेत्र के दर्जन भर तालुकों में गुरुवार सुबह से अभी तक करीब एक ईंच बारिश हुई है।
14 Jun, 19 : 07:50 AM
प्रशासन अलर्ट पर
प्रशासन अगले 24 घंटे तक हाई अलर्ट पर रहेगा। तटवर्ती जिलों सौराष्ट्र और कच्छ के स्कूल एहतियात के तौर पर शुक्रवार को बंद रहेंगे। गुरुवार शाम हालात की समीक्षा करने के बाद रुपाणी ने कहा कि चक्रवात से अब कोई खतरा नहीं है लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों को लेकर प्रशासन अभी भी सचेत रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात से अब कोई खतरा नहीं है क्योंकि वह तटवर्ती क्षेत्र को छुए बगैर ओमान की ओर मुड़ गया है।