बीजेपी के डोर-टू-डोर कैंपेन में कोविड प्रोटोकॉल की हुई अनदेखी, सपा, कांग्रेस EC से कर सकती हैं शिकायत
By शीलेष शर्मा | Updated: January 23, 2022 21:13 IST2022-01-23T21:13:34+5:302022-01-23T21:13:34+5:30
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और सपा अब इस मुद्दे को लेकर अगले दो दिनों में चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा कर ऐसे प्रचार और उसमें एकत्रित होने वाली भीड़ पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाने के साथ साथ जिन नेताओं ने कोविड नियमों की अनदेखी की है उनके विरुद्ध करवाई करने की मांग करने जा रही है।

बीजेपी के डोर-टू-डोर कैंपेन में कोविड प्रोटोकॉल की हुई अनदेखी, सपा, कांग्रेस EC से कर सकती हैं शिकायत
नई दिल्ली: ओमीक्रॉन के सामुदायिक फैलाव की केंद्र की चेतावनी के बावजूद राजनीतिक दलों पर चुनाव प्रचार को लेकर कोई असर होते नहीं दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जहां 10 फरवरी को वोट डाले जाने हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब घर-घर जा कर प्रचार अभियान के लिए निकले, तो लोगों का एक बड़ा हुजूम चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों को ताक पर रख कर बिना मास्क लगाए मुख्यमंत्री के साथ चल रहा था।
हैरानी की बात तो यह है कि भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद, बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में भी, न तो कोई पाबंदी लगायी गयी और न ही कोई मामला दर्ज किया गया। यह मामला केवल गाजियाबाद का ही नहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना में जब गृहमंत्री अमित शाह प्रचार के लिए निकले, तब न तो वे स्वयं मास्क लगाए हुए थे और न ही उनके साथ चलने वाले लोग।
भाजपा के तमाम उम्मीदवार रात के अंधेरों में बड़ी संख्या में जुलूस निकाल रहे हैं। शिकवाबाद में भी भाजपा के उमीदवार ने भरे बाजार रैली निकल भाजपा का प्रचार किया जबकि दूसरी ओर स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में शामिल होने के मौके पर जमा हुई भीड़ को लेकर पुलिस तुरंत हरकत में आयी और लगभग 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।
हालांकि चुनाव आयोग बार-बार राजनैतिक दलों को हिदायत दे रहा है कि वे कोविड नियमों का पालन करें। आयोग ने 31 जनवरी तक रैलियों और बड़ी जनसभाओं पर पाबंदी लगा दी है। बावजूद इसके यह देखने में आ रहा है कि भाजपा के नेता आयोग के दिशा निर्देशों को ताक पर रख कर चिनाव प्रचार अभियान में लोगों की भीड़ जुटा रहे हैं।
उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और सपा अब इस मुद्दे को लेकर अगले दो दिनों में चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा कर ऐसे प्रचार और उसमें एकत्रित होने वाली भीड़ पर तत्काल प्रतिबन्ध लगाने के साथ साथ जिन नेताओं ने कोविड नियमों की अनदेखी की है उनके विरुद्ध करवाई करने की मांग करने जा रही है।