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‘‘दिल्ली में कोवैक्सीन केवल उन लोगों के लिए ही जिन्होंने पहली खुराक में भी यही टीका लिया’’

By भाषा | Updated: June 7, 2021 16:41 IST

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नयी दिल्ली, सात जून दिल्ली सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने सभी सरकारी केंद्रों, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को निर्देश दिया है कि 18-44 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में कोवैक्सीन टीका सिर्फ उन लोगों को ही दिए जाएं, जिन्होंने पहली खुराक में भी यही टीका लगवाया था।

अदालत विभिन्न लोगों द्वारा दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने पहली खुराक के रूप में कोवैक्सीन टीका लिया था लेकिन उन्हें इस टीके की दूसरी खुराक नहीं मिल पा रही थी।

दिल्ली सरकार और केंद्र ने अदालत से यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए छह जून को राष्ट्रीय राजधानी को कोवैक्सीन की 40,000 अतिरिक्त शीशियां दी गयी हैं।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कोवैक्सीन की कमी के मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर खुशी व्यक्त की।

अदालत को यह जानकारी दी गयी कि दिल्ली के मुख्य सचिव ने छह जून को एक आदेश जारी किया है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने निर्देश दिया है कि बतौर कोविड टीकाकरण केंद्र काम कर रहे सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम सुनिश्चित करेंगे कि इसका उपयोग सिर्फ उन लोगों (18-44 वर्ष आयु वर्ग के) के टीकाकरण के लिए किया जाएगा जो जो जून महीने के दौरान या अगले आदेश तक इसे दूसरी खुराक के रूप में लेने के लिए पात्र हैं।

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने तीन जून को पहले ही सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों को इस संबंध में ऐसे ही निर्देश जारी किए हैं।

अधिवक्ता कुशल कुमार द्वारा एक याचिका दायर की गई है। इसमें अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि उन्हें कोवैक्सीन टीके की दूसरी खुराक तत्काल उपलब्ध कराई जाए क्योंकि दूसरी खुराक के लिए उन्हें आवंटित समय की अवधि समाप्त होने वाली है।

कुमार और सह-याचिकाकर्ताओं – मानसी शर्मा तथा अधिवक्ता शाश्वत त्रिपाठी ने कहा कि टीके की दूसरी खुराक के लिए आवंटित समय 31 मई से 14 जून के बीच है।

एक अन्य याचिका वकील आशीष विरमानी ने दायर की है। उन्होंने तीन मई को कोवैक्सीन की पहली खुराक ली थी और दूसरी खुराक के लिए 29 मई से समय नहीं मिल पा रहा है जबकि दूसरी खुराक छह सप्ताह के अंदर ली जानी है।

विरमानी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील पल्लव मोंगिया ने अदालत से कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें टीके की दूसरी खुराक लेने के लिए उत्तर प्रदेश में मेरठ जाना पड़ा था।

याचिकाकर्ताओं ने सुनवाई के दौरान शिकायत की कि 25 मई से जून के बीच कोवैक्सीन की कोई खुराक उपलब्ध नहीं थी और ऐसे कई लोग हैं जिनके लिए छह सप्ताह की अवधि 14 जून को पूरी हो रही है। सरकारी वकील ने इस पहलू पर निर्देश लेने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध किया। मामले में अगली सुनवाई 11 जून को होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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