लाइव न्यूज़ :

रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में पुलिस अधीक्षक को गवाह बनाने पर न्यायालय ने जवाब मांगा

By भाषा | Updated: July 2, 2021 22:47 IST

Open in App

रांची, दो जुलाई झारखंड उच्च न्यायालय ने रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले में रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक नौशाद आलम को सरकारी गवाह बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया कि जब इस मामले की निगरानी स्वयं वह कर रहा है तो ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को सरकारी गवाह बनाए जाने के मामले में उसे अंधेरे में क्यों रखा गया?

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डा. रवि रंजन व न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी के प्रमुख अनिल पालटा, सीआइडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और अनुसंधान अधिकारी को अगली सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने का आदेश दिया।

पीठ ने कहा कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में स्वयं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक का नाम आया था तो सिर्फ दो आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना गंभीर सवाल खड़े करता है।

न्यायालय ने कहा कि एसआइटी को समय-समय पर अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था तो उसने आरोप पत्र से पहले अदालत में रिपोर्ट क्यों नहीं जमा की?

उच्च न्यायालय ने मामले से संबंधित केस डायरी, जांच रिपोर्ट और एसआइटी के गठन से संबंधित मूल दस्तावेज उसके सामने पेश करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई आठ जुलाई को होगी।

आज इस मामले में सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता राजेंद्र कृष्ण ने कहा कि एसआइटी गठन से पहले ही दो आरोपियों के खिलाफ निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया जबकि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के कहने पर कुछ लोगों को आरोपी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया था, ऐसे में कैसे उन्हें सरकारी गवाह बना दिया गया है?

इस पर पीठ ने कड़ी नाराजगी जताई और पूछा,‘‘ पुलिस अधीक्षक को सरकारी गवाह क्यों बनाया गया है? ऐसा करने से पहले एसआइटी ने इसकी जानकारी पीठ को क्यों नही दी?’’

राज्य सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि एसआइटी ने दो आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी करने के बाद निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है और अभी जांच जारी है। इसपर पीठ ने एसआइटी के गठन के आदेश, केस डायरी और निचली अदालत में दाखिल चार्जशीट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है।

झारखंड में रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले में की गयी जांच की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सीआइडी ने सौंपी थी। एडीजी अनिल पालटा के नेतृत्व में मामले की जांच हो रही थी। इस बीच सरकार ने अनिल पालटा का स्थानांतरण कर दिया। इस पर पिछली तारीख पर जब न्यायालय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तो सरकार इसकी जांच के लिए अनिल पालटा के नेतृत्व में एसआइटी का गठन करने को तैयार हो गयी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2026 में अजेय अभियान जारी, मुंबई इंडियंस को 27 रनों से हराया, शीर्ष पर पहुंची

क्रिकेटयशस्वी जायसवाल ने MI के गेंदबाजों की उखेड़ी बखिया, छक्के लगाकर 'सेंचुरी ऑफ़ मैक्सिमम्स' क्लब में हुए शामिल

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

भारत अधिक खबरें

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू