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अदालत का सुशांत राजपूत की बहन प्रियंका के खिलाफ एफआईआर खारिज करने से इनकार

By भाषा | Updated: February 15, 2021 18:02 IST

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मुम्बई, 15 फरवरी बंबई उच्च न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मेडिकल पर्ची में कथित रूप से फर्जीवाड़ा करने को लेकर उनकी प्रियंका सिंह के खिलाफ दर्ज की गयी प्राथमिकी को खारिज करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने हालांकि राजपूत की दूसरी बहन मीतू सिंह के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी खारिज कर दी।

अदालत ने कहा कि प्रियंका सिंह के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत है लेकिन मीतू सिंह के खिलाफ मामला नहीं टिकता है।

पीठ ने कहा, ‘‘ हमारा सुविचारित मत है कि याचिकाकर्ता मीतू सिंह के विरूद्ध प्राथमिकी नहीं टिकती है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘ लेकिन याचिकाकर्ता प्रियंका सिंह के खिलाफ प्राथमिकी रद्द नहीं की जाती है क्योंकि हमें प्रथम दृष्टया पाया कि यह मामला बनता है।’’

पीठ ने कहा कि उसका फैसला प्राथमिकी की जांच करने और अपने हिसाब से उपयुक्त रिपोर्ट जमा करने में जांच एजेंसी के लिए कोई रूकावट नहीं बनेगा।

दोनों ही बहनों ने सुशांत सिंह राजपूत के अवसाद संबंधी मुद्दों के सिलसिले में उनके लिए मेडिकल पर्ची में कथ्रित रूप से फर्जीवाड़ा करने को लेकर दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

बांद्रा पुलिस ने पिछले साल सात सितंबर को प्रियंका सिंह, मीतू सिंह और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर तरूण कुमार के विरूद्ध सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी।

शिकायत के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत की बहनों और डॉक्टर ने उनके लिए (राजपूत) फर्जी पर्ची तैयार की थी।

सुशांत सिंह राजपूत (34) पिछले साल 14 नवंबर को यहां उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा में अपने घर में मृत पाये गये थे।

उनके पिता के के सिंह ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ राजपूत को आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।

सुशांत सिंह राजपूत की बहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद बांद्रा पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मामले के सारे कागजात सीबीआई के पास भेज दिये। शीर्ष अदालत ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सभी मामलों की जांच सीबीआई करेगी।

सुशांत सिंह राजपूतों की बहनों की ओर पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने दलील दी थी कि टेलीमेडिसीन चलन दिशानिर्देश किसी भी डॉक्टर को ऑनलाइन परामर्श के बाद दवाएं सुझाने की अनुमति देते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि कोविड-19 महामारी के चलते सुशांत सिंह राजपूत किसी चिकित्सक के पास जा नहीं सकते थे। उन्होंने कहा था कि यदि यह मान लिया भी जाए कि ऐसी पर्ची प्राप्त की गयी तो इस बात को सबूत नहीं है कि राजपूत ने कोई दवा ली थी।

हालांकि मुम्बई पुलिस की ओर से पेश वकील देवदत्त कामत ने इस अर्जी का विरोध किया था और कहा था कि ऑनलाइन परामर्श नहीं लिया गया।

रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदा ने भी सुशांत सिंह राजपूत की बहनों की अर्जी का विरेाध किया था और कहा था कि एक स्थिति यह हो सकती है कि मादक पदार्थों एवं दवाओं के कॉकटेल के चलते अभिनेता की मौत हुई हो।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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