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न्यायालय ने पुरी के अलावा अन्य स्थानों पर ‘रथ यात्रा’ निकालने की अनुमति के लिये याचिकाएं खारिज कीं

By भाषा | Updated: July 6, 2021 16:16 IST

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नयी दिल्ली, छह जुलाई उच्चतम न्यायालय ने ओडिशा में जगन्नाथ पुरी के अलावा अन्य विभिन्न स्थानों पर ‘रथ यात्रा’ निकालने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया और कहा कि इस साल कोविड-19 महामारी से अनेक लोगों की जान जाने के मद्देनजर न्यायालय कोई जोखिम नहीं ले सकता।

शीर्ष अदालत उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें पुरी के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर ‘रथ यात्रा’ की अनुमति नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले को स्वीकार किया गया था।

मामले में सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता कर रहे प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने कहा, ‘‘मैं भी जगन्नाथ पुरी जाना चाहता हूं। मैं पिछले डेढ़ साल से वहां नहीं गया। मैं हर रोज अपने घर पर पूजा करता हूं। हम जोखिम नहीं लेना चाहते। हमें इसे टीवी पर देखना होगा। माफ कीजिए, मैं इसे खारिज कर रहा हूं। मुझे भी बुरा लगता है। हमें उम्मीद है और विश्वास है कि अगली बार ईश्वर हमारी मदद करेगा।’’

ओडिशा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा एक वार्षिक अनुष्ठान है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पुरी पहुंचते हैं। यह यात्रा इस बार 12 जुलाई को होगी। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्य सरकार ने केवल पुरी में ही रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी है।

केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रथ यात्रा पर पूरी तरह पाबंदी है, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने अपने 22 जून, 2020 के आदेश द्वारा पिछले साल कुछ शर्तों के साथ इसकी अनुमति दे दी थी।

उन्होंने कहा कि इस साल राज्य सरकार ने केवल जगन्नाथ पुरी मंदिर में ‘रथ यात्रा’ निकालने की अनुमति दी है, अदालत कुछ शर्तों के साथ अन्य स्थानों पर भी ऐसी मंजूरी देने पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा राज्य में सदियों से होती आई है।

जब एक वकील ने कहा कि स्थिति में सुधार हुआ है और दूसरी जगहों पर ऐसी धार्मिक यात्रा की अनुमति दी जानी चाहिए तो पीठ ने कहा, ‘‘इस साल पिछली बार से ज्यादा लोग मारे गए।’’ पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय भी शामिल रहे।

ओडिशा के महाधिवक्ता अशोक परीजा ने कहा कि पुरी का मामला दूसरी जगहों से अलग है और इसलिए राज्य ने इसकी पुरी में अनुमति दी है तथा दूसरी जगहों के लिए अनुमति नहीं दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुई सुनवाई में परीजा ने कहा कि रथ यात्रा के अलावा अन्य अनुष्ठान करने के लिए राज्य के अन्य मंदिरों को अनुमति प्रदान की गयी है।

इससे पहले उड़ीसा उच्च न्यायालय ने दूसरे स्थानों पर रथ यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि पुरी का एक अलग महत्व है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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