लाइव न्यूज़ :

न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को हिरासत प्रमाणपत्र का ‘सही प्रारूप’ रखने का निर्देश दिया

By भाषा | Updated: November 12, 2021 20:35 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 12 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर हलफनामे पर असंतोष जताया और उसे हिरासत प्रमाणपत्र का ‘सही प्रारूप’ रखने का निर्देश दिया जिसे संबंधित जेल अधिकारियों को दिया जाना चाहिए।

हिरासत प्रमाणपत्र में किसी विचाराधीन कैदी या दोषी की हिरासत की अवधि समेत ब्योरा शामिल होता है।

न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि प्रमाणपत्र में हिरासत की अवधि को लेकर स्पष्ट स्थिति होनी चाहिए।

पीठ उस मामले में सुनवाई कर रही थी जिसमें उसने पिछले महीने राज्य से एक कैदी की हिरासत की अवधि दर्शाने वाला प्रमाणपत्र जमा करने को कहा था, जो किशोर न्याय बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार 1980 में घटना वाले दिन नाबालिग था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos