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विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ गिराने के मुद्दे पर न्यायालय ने सात सदस्यीय समिति गठित की

By भाषा | Updated: March 25, 2021 22:55 IST

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नयी दिल्ली, 25 मार्च विकास परियोजनाओं के लिए गिराए जानेवाले पेड़ों के आर्थिक महत्व के वास्तविक आकलन के लिए उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों की सात सदस्यीय एक समिति गठित की जो वैज्ञानिक एवं नीतिगत दिशा-निर्देशों का सुझाव देगी।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यिन की पीठ ने कहा कि किसी परियोजना के लिए जहां भी पेड़ों को गिराने की आवश्यकता होती है, वहां सवाल उठता है कि यह कितना उचित है और प्राधिकरण या संबंधित संगठन द्वारा उचित मुआवजा आकलन किया जाना चाहिए।

इसने कहा कि इसलिए गिराए जाने वाले पेड़ों के आर्थिक महत्व का वास्तविक आकलन आवश्यक है।

न्यायालय ने इसके लिए वन्यजीव विशेषज्ञ रंजीत सिंह झाला के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित कर दी जो वैज्ञानिक एवं नीतिगत दिशा-निर्देशों का सुझाव देगी।

शीर्ष अदालत मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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