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झारखंड में कोरोना के दो स्थान बने हॉटस्पॉट, संक्रमित मरीजों की संख्या 19 पहुंची, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने साधा केंद्र पर निशाना

By एस पी सिन्हा | Updated: April 13, 2020 14:14 IST

झारखंड में कोरोना के बढते मामलों को देखते हुए रांची के रिम्‍स और जमशेदपुर के एमजीएम अस्‍पताल के साथ अब पीएमसीएच, धनबाद को भी कोरोना जांच की स्वीकृति मिल गई है.

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ठळक मुद्देकोरोना से झारखंड में अब तक 2 लोगों की मौत, मरीजों की संख्या कुल 19पीएमसीएच, धनबाद में भी अब कोरोना जांच को मंजूरी, अब जांच की गति बढ़ने की उम्मीद

झारखंड में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है. रविवार की देर शाम राज्य में दो और कोरोना संक्रमित मरीज मिले. इसके साथ ही सूबे में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढकर 19 हो गई है. रविवार की देर शाम बोकारो के साडम गांव के दो संदिग्‍धों में संक्रमण की पुष्टि हुई.

इस गांव के एक कोरोना पॉजिटिव की पहले ही मौत हो चुकी है. इस तरह से राज्य में कोरोना वायरस के दो हॉटस्पॉट बन गये हैं. पहला रांची का हिंदपीढी और दूसरा बोकारो का चंद्रपुरा है. वहीं दोनों जगहों से एक-एक लोगों की मौत भी हो चुकी है.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि दोनों संक्रमित मरीज बोकारो के रहने वाले हैं. ये दोनों लोग एक कोरोना मरीज के संपर्क में आकर संक्रमित हुए हैं. रांची में 6 पुरुषों में कोरोना संक्रमण हुआ है, जबकि बोकारो में 7, हजारीबाग में दो और कोडरमा में एक पुरुष में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है. 

उन्होंने बताया कि रविवार की देर शाम को जो दो नए मामले बोकारो से सामने आए हैं, उनमें से दोनों कोरोना संक्रमित रिश्‍ते में पिता-पुत्र हैं. इनमें एक की उम्र 45 वर्ष और दूसरे की 68 साल है. जबकि इनके परिवार में एक कोरोना संक्रमित की गुरुवार को मौत हो गई थी. इन 19 संक्रमित लोगों में सर्वाधिक रांची-बोकारो में 8-8 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं. हजारीबाग में कोरोना संक्रमण के दो मामले और कोडरमा में एक कोरोना संक्रमित मरीज की पहचान की गई है. 

कोरोना नियंत्रण कक्ष, झारखंड के आंकडों पर गौर करें तो अब तक जिन 19 मरीजों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की गई है, उनमें 2 की मौत हो गई. जबकि 17 में अब भी संक्रमण बरकरार है.

झारखंड में कोरोना वायरस से मरने वाले दोनों मरीज पुरुष हैं. संक्रमित कुल 19 मरीजों में 16 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं. रांची के हिंदपीढ़ी मस्जिद से पकड़ी गई मलेशिया की महिला, किडनी की बीमारी से जूझ रही महिला और बोकारो के तेलो गांव में बांग्‍लादेश की तब्‍लीगी जमात में शामिल होकर लौटी महिलाओं की पहचान अबतक कोरोना पॉजिटिव के रूप में की गई है. 

पुरुषों में रांची के हिंदपीढ़ी के एक कोरोना संक्रमित और बोकारो के गोमिया में एक कोरोना मरीज की मौत हुई है. इधर, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे अधिक कोरोना प्रभावित राज्यों से झारखंड लौटे लोगों में संक्रमण मिलने से राज्य सरकार की चिंता बढ गई है. अबतक ऐसे तीन लोगों में संक्रमण मिल चुका है. चिंता की बात यह है कि लॉकडाउन लागू होने से कुछ दिनों पहले तथा इसके बाद बडी संख्या में मजदूर एवं अन्य लोग कोरोना प्रभावित राज्यों से झारखंड लौटे हैं. 

पीएमसीएच, धनबाद में भी हो सकेगा कोरोना टेस्ट

इधर कोरोना के बढते मामलों को देखते हुए रांची के रिम्‍स और जमशेदपुर के एमजीएम अस्‍पताल के अलावा पीएमसीएच, धनबाद को भी कोरोना जांच की स्वीकृति मिल गई है. यहां दो मशीनें कोरोना सैंपल जांच के लिए लगी हैं. रांची के इटकी यक्ष्मा अस्पताल को कोरोना जांच की स्वीकृति नहीं मिली है. 

झारखंड में अभी तक रिम्स और एमजीएम में ही कोरोना सैंपल की जांच हो रही थी. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने धनबाद के पीएमसीएच में कोरोना की जांच की स्वीकृति प्रदान कर दी है. अब यहां भी आरटी-पीसीआर टेस्ट हो सकेगा. बता दें कि झारखंड में अभी तक सिर्फ रांची के रिम्स और जमशेदपुर के एमजीएम में ही कोरोना की जांच हो रही थी. 

इस कारण झारखंड में जांच की गति काफी धीमी थी. अब उम्मीद की जा सकती है कि धनबाद में भी जांच शुरू होने से उन जिलों में भी जांच की गति पकड़ेगी. जहां अभी तक बहुत कम जांच हो पा रही थी.

केंद्र पर संकट को नजरअंदाज करने का आरोप

इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र पर आरोप लगाया है कि कोरोना के गंभीर संकट को भारत सरकार ने नजरअंदाज किया. उन्होंने रविवार को कहा कि यह कहीं न कहीं विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार के खुफिया विभाग की बडी चूक है. इस कारण ही पूरे भारत में कोरोना का इतना संक्रमण बढा. 

उन्होंने तब्लीगी जमात के लिए भी भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराया. मंत्री ने कहा कि यह भारत सरकार की लचर व्यवस्था का ही नतीजा है. उन्होंने कहा कि सभी की सूची भारत सरकार के पास दर्ज थी. बगल में थाना भी था. लेकिन थाना ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया. यह विदेश नीति की असफलता का ही नतीजा है. उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीया जलाने के आह्वान की निंदा करते हुए कहा कि दीया जलाने से कोरोना नहीं मरेगा.

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