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कोरोना वायरस ने रोकी दुनिया में सबसे ज्यादा नसबंदी करने वाले सर्जन की रफ्तार

By भाषा | Updated: July 11, 2021 15:38 IST

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(हर्षवर्धन प्रकाश)

इंदौर (मप्र), 11 जुलाई कोविड-19 के प्रकोप का असर सरकार के परिवार नियोजन कार्यक्रम पर भी पड़ा है। इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि नसबंदियों के विश्व कीर्तिमान का दावा करने वाले प्रसिद्ध सर्जन डॉ. ललित मोहन पंत के किए गए इन ऑपरेशनों की तादाद गुजरे वित्त वर्ष में 84 फीसद घटकर महज 2,500 पर सिमट गई।

इंदौर में रहनेवाले पंत ने रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर पीटीआई-भाषा से कहा, "कोविड-19 के प्रकोप से पहले मैं हर साल औसतन 16,000 नसबंदी ऑपरेशन करता था। लेकिन महामारी से बुरी तरह प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान मैं केवल 2,500 नसबंदी ऑपरेशन कर सका।"

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन और कोविड-19 संबंधी अन्य बंदिशों के कारण गुजरे वित्त वर्ष में जहां नसबंदी शिविर कम लगे, वहीं महामारी के डर के कारण लोगों में भी परिवार नियोजन ऑपरेशन को लेकर हिचक दिखाई दी।

पंत ने कहा, "कई लोग ऐसे भी थे जो नसबंदी ऑपरेशन से पहले कराई गई जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। लिहाजा हमने एहतियात के तौर पर इन संक्रमितों के नसबंदी ऑपरेशन नहीं किए।"

उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन ऑपरेशन पर कोविड-19 का असर अब भी कायम है और एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान उन्होंने ऐसे केवल 300 ऑपरेशन किए हैं।

सर्जन ने बताया कि मई में उनका पूरा परिवार कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया था और वह स्वयं 16 दिन तक एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती रहे थे।

उन्होंने कहा, "गुजरे 39 वर्षों के दौरान मैंने महिलाओं और पुरुषों की कुल 3.90 लाख नसबंदियां की हैं। दुनियाभर में किसी भी सर्जन ने इतने नसबंदी ऑपरेशन नहीं किए हैं।"

यह 65 वर्षीय सर्जन प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में नसबंदी के प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा, "भारतीय परिप्रेक्ष्य में मोटा अनुमान लगाया जाए, तो मेरे द्वारा किए गए 3.90 लाख नसबंदी ऑपरेशनों से 13 लाख से ज्यादा संभावित जन्म रुके हैं।"

पंत, "दूरबीन वाले बाबा" के रूप में मशहूर हैं। इसका कारण यह है कि महिला नसबंदी की जिस पद्धति में उन्हें महारत हासिल है, उसके साथ "दूरबीन" का आमफहम शब्द जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि "बिना चीरा, बिना टांका, बिना दर्द" पद्धति के कारण पिछले वर्षों में नसबंदी को लेकर पुरुषों की मानसिकता हालांकि बदली है। लेकिन नसबंदी ऑपरेशनों में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की भागीदारी बेहद कम बनी हुई है।

पंत ने कहा, "मैंने अब तक जो कुल 3.90 लाख नसबंदी कीं, उनमें पुरुषों के केवल 13,600 परिवार नियोजन ऑपरेशन शामिल हैं। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़नी ही चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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