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कोरोना वायरस से जंग: जरूरतमंदों तक राहत पहुंचा रहा ग्रीन गैंग, पूर्वांचल के 55 गांवों में सक्रिय

By भाषा | Updated: April 21, 2020 16:01 IST

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए कई समाजसेवी संस्थान योगदान दे रहे हैं.

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ठळक मुद्देग्रीन गैंग को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर भी इसमें मदद कर रहे हैं ग्रीन गैंग के योगदान को देखते हुए उसे 'पुलिस मित्र' का दर्जा दिया जा चुका है.

उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में शराबबंदी को लेकर अभियान चलाने वाला 'ग्रीन गैंग' लॉकडाउन के दौरान गरीबों के लिए सहारा बनकर भी सामने आया है। जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने और मास्क सिलने के साथ-साथ यह संगठन दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की पहचान कराने में भी मदद कर रहा है। हरी साड़ी पहने महिलाओं का यह 'ग्रीन गैंग' लॉकडाउन में राज्य की पुलिस और प्रशासन के लिये बेहद मददगार बनकर उभरा है।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा कुछ प्रोफेसरान की मदद से गठित होप वेलफेयर ट्रस्ट के संस्थापक सचिव दिव्यांशु उपाध्याय ने मंगलवार को बताया कि उनका संगठन ग्रीन गैंग के साथ मिलकर काम कर रहा है। गैंग की सदस्य वाराणसी, जौनपुर, अयोध्या, सोनभद्र और मिर्जापुर के 55 गांवों में सक्रिय हैं। वे कोरोना संक्रमण और उसके मद्देनजर लागू लॉकडाउन में प्रशासन की हर तरह से मदद कर रही हैं।

मिर्जापुर के राजगढ़ गांव में ग्रीन गैंग की सदस्य रोशन खातून ने बताया कि हर गांव में 25 महिलाओं का एक समूह है जो सामाजिक कार्यों में शिद्दत से लगा है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण कामकाज ठप है और गरीब लोग बेहद परेशान हैं। हम दूसरी जगहों से आये मजदूरों को भोजन पहुंचा रहे हैं। हम उन लोगों पर भी निगाह रख रहे हैं जो दूसरे राज्यों से अपने घर आये हैं। हम प्रशासन को उनके बारे में बता रहे हैं। साथ ही हम कोरोना को लेकर जागरूकता भी फैला रहे हैं।

नक्सल प्रभावित मिर्जापुर जिले के भवानीपुर गांव में ग्रीन गैंग की ग्रुप लीडर चम्पा देवी इन दिनों फेस मास्क बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा ''हमने अब तक 500 मास्क तैयार करके उन्हें लोगों में बंटवाए हैं।'' ग्रीन गैंग के वित्तपोषण के बारे में होप के अध्यक्ष रवि मिश्रा ने बताया ''हम और हमारे ग्रुप के सदस्य आर्थिक योगदान कर रहे हैं। कुछ नौकरीपेशा लोग और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर भी इसमें मदद कर रहे हैं।''

उन्होंने बताया कि ग्रीन गैंग के सदस्यों की मौजूदगी वाले पांच जिलों में अब तक करीब पांच हजार लोगों को राशन और फूड पैकेट वितरित किये जा चुके हैं। वाराणसी के खुशियारी गांव में ग्रीन गैंग की ग्रुप लीडर आशा देवी और देवा गांव की तबस्सुम, अयोध्या के रतियां गांव की मंजू देवी गांव-गांव जाकर जरूरतमंदों के लिये राशन इकट्ठा कर रही हैं। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने ग्रीन गैंग के योगदान को देखते हुए उसे 'पुलिस मित्र' का दर्जा दिया था। 

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