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कोरोना संकट: केन्द्रीय सशस्त्र बलों ने अपने जवानों और कर्मियों के सभी गैर-जरूरी आवागमन पर 15 अप्रैल तक लगाई रोक

By भाषा | Updated: April 6, 2020 16:57 IST

केन्द्रीय सशस्त्र बलों में करीब 10 लाख कर्मी हैं। इन बलों में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) शामिल है।

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ठळक मुद्देदेश में कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियों और सरकार द्वारा लागू किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। ऐसे में एक भी जवान के संक्रमित होने पर यहां संक्रमण तेजी से फैलने का डर है। 

नयी दिल्ली:कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर केन्द्रीय सशस्त्र बलों ने अपने जवानों और कर्मियों का समस्त गैर-जरुरी आवागमन स्थगित कर दिया है और छुट्टी पर चल रहे कर्मियों ने अपना अवकाश 10 दिन के लिए बढ़ा कर 15 अप्रैल तक कर लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले मध्य मार्च में आदेश जारी कर सीएपीएफ के जवानों और अधिकारियों से कहा गया था कि ‘‘वे जहां हैं, 15 अप्रैल तक वहीं बने रहें।’’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘नए सिरे से आदेश जारी किए गए हैं और सभी गैर-जरुरी और नियमित आवागमन, तबादलों और तैनाती को स्थगित कर दिया गया है। इन बलों में अब 15 अप्रैल तक ऐसा कोई आवागमन नहीं होगा।’’ पीटीआई को प्राप्त आदेश की प्रति के अनुसार, ‘‘यात्रा के दौरान संक्रमण के प्रसार के खतरे को देखते हुए ऐसी किसी भी आशंका को कम करने के लिए सक्षम प्राधिकार ने निर्देश दिया है कि जो भी कर्मी फिलहाल अवकाश पर हैं और उन्हें 15 अप्रैल से पहले ड्यूटी पर लौटना था, वे सभी अपनी छुट्टियां 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा लें।’’

उसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक कर्मियों का अवकाश मंजूर करने वाले अधिकारी उन्हें इस आशय की जानकारी देकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि देश में कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियों और सरकार द्वारा लागू किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।

केन्द्रीय सशस्त्र बलों में करीब 10 लाख कर्मी हैं। इन बलों में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) शामिल है। उक्त आदेश में देश के आतंकवाद विरोधी बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को भी शामिल किया गया है।

सशस्त्र बल के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह आदेश सबसे पहले इन बलों में बड़े पैमाने पर इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए जारी किया गया था क्योंकि यह बल हमारे देश की रीढ़ की हड्डी हैं और इसके जवान सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी गतिविधियों सहित तमाम महत्वपूर्ण कार्यों में जुटे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा था कि बलों के शिविरों में कर्मी बहुत छोटी जगह में रहते हैं, ऐसे में एक भी जवान के संक्रमित होने पर यहां संक्रमण तेजी से फैलने का डर है। 

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