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कूज़ मादक पदार्थ: 25 करोड़ रुपये की मांग का दावा करने वाले गवाह ने मुंबई पुलिस से सुरक्षा मांगी

By भाषा | Updated: October 25, 2021 19:10 IST

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मुंबई, 25 अक्टूबर मुंबई अपतटीय क्षेत्र में एक क्रूज़ पोत से मादक पदार्थ बरामद होने के मामले में 'स्वतंत्र गवाह' प्रभाकर सैल ने सोमवार को मुंबई के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मुलाकात की और खुद के लिए सुरक्षा मांगी। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

प्रभाकर ने रविवार को दावा किया था कि मामले में गिरफ्तार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को छोड़ने के लिए एनसीबी के एक अधिकारी तथा अन्य ने 25 करोड़ रुपये मांगे थे।

अधिकारी ने बताया कि सैल ने अपनी सुरक्षा चिंता के संबंध में आज पूर्वाह्न पुलिस आयुक्त कार्यालय में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भारंबे से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि सैल लगभग एक घंटे तक पुलिस कार्यालय में रहा।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद सैल ने मुंबई के सहार थाने से संपर्क किया और मांग की कि जब भी वह यहां सहार गांव में रहनेवाली अपनी पत्नी, बच्चों और सास से मिलने आए तो उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि सैल ने थाने में किसी के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं दी और पुलिस से केवल अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए संपर्क किया।

सैल ने रविवार को पत्रकारों से कहा था कि उसे अपनी जान को खतरे की आशंका है और उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

उसने दावा किया था कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के एक अधिकारी और कथित तौर पर फरार गवाह केपी गोसावी सहित अन्य ने आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी।

सैल ने कहा था कि आर्यन को तीन अक्टूबर को एनसीबी कार्यालय लाने के बाद उन्होंने गोसावी को फोन पर सैम डिसूजा नामक एक व्यक्ति से 25 करोड़ रुपये की मांग करने और मामला 18 करोड़ रुपये में तय करने के बारे में बात करते हुए सुना था, क्योंकि उन्हें ‘‘आठ करोड़ रुपये समीर वानखेडे़ (एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक) को देने थे।’’

उसने यह दावा भी किया था कि एनसीबी अधिकारियों ने उससे नौ से 10 कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने को भी कहा था।

हालांकि, एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘पूरी तरह से झूठ और दुर्भावनापूर्ण’’ करार दिया।

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने रविवार को मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर, अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें कथित सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने संबंधी ''योजनाबद्ध'' कानूनी कार्रवाई किए जाने से सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया था।

इस बीच, एनसीबी और वानखेड़े ने मामले में अपने ऊपर लगे वसूली के आरोपों के खिलाफ सोमवार को यहां एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया।

वानखेड़े ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया।

मादक पदार्थ रोधी एजेंसी और वानखेड़े ने अदालत में दाखिल हलफनामे में कहा कि यह मामले में बाधा उत्पन्न करने और जांच को प्रभावित करने का एक प्रयास है।

एनसीबी ने हलफनामे में अनुरोध किया है कि मामले के सबूतों के साथ छेड़छाड़ और जांच बाधित नहीं होनी चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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