लाइव न्यूज़ :

तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं : प्रधानमंत्री मोदी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 11, 2026 17:02 IST

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित ऐतिहासिक मंदिर पर अतीत में हुए हमलों और हर बार इसके पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों का दिल तलवार की नोक पर कभी नहीं जीता जा सकता। 

Open in App

सोमनाथ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि आजादी के बाद गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें ‘‘हमारे बीच अब भी सक्रिय हैं’’ और भारत को उन्हें हराने के लिए सतर्क, एकजुट तथा शक्तिशाली बने रहने की जरूरत है। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित ऐतिहासिक मंदिर पर अतीत में हुए हमलों और हर बार इसके पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों का दिल तलवार की नोक पर कभी नहीं जीता जा सकता। 

उन्होंने कहा कि सोमनाथ का 1,000 वर्षों का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है। वह सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित कर रहे थे, जो भारतीय सभ्यता के लचीलेपन को चिह्नित करने के लिए यहां आयोजित किया गया था, जिसका प्रतीक सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण है, जिसे 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के आक्रमण से शुरू होकर विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार तबाह किया गया था। 

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के एक बयान के अनुसार, सदियों पहले इस मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज विश्वास, साहस और राष्ट्रीय गर्व के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है। यह सब इसे इसकी प्राचीन महिमा में बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले नफरत से प्रेरित थे, लेकिन इसे केवल लूटपाट के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। 

उन्होंने कहा, ‘‘धार्मिक उद्देश्य को छुपाने के लिए किताबें लिखी गईं, जिनमें इसे महज सामान्य लूटपाट के रूप में दर्शाया गया। सोमनाथ मंदिर को बार-बार नष्ट किया गया। यदि आक्रमण केवल लूटपाट के लिए होते, तो 1,000 साल पहले हुई पहली बड़ी लूट के बाद ही वे रुक गए होते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र देवता का अपमान किया गया। मंदिर के स्वरूप को ही बदलने के बार-बार प्रयास किए गए। और हमें यह सिखाया गया कि सोमनाथ को लूट के लिए नष्ट किया गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का सच्चा इतिहास हमसे छुपाया गया।’’ 

मोदी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने धर्म के प्रति सच्चे भाव रखता है, वह ऐसी चरमपंथी विचारधारा का समर्थन नहीं करेगा। हालांकि, तुष्टीकरण में लिप्त लोग ऐसे धार्मिक चरमपंथ के आगे घुटने टेक देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उनके रास्ते में बाधाएं डाली गईं और जब भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के लिए यहां आए, तब भी आपत्तियां उठाई गईं। 

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें अब भी हमारे देश में मौजूद हैं और वे बहुत सक्रिय हैं। तलवारों के बजाय अन्य तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘इसीलिए हमें सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है। हमें खुद को और अधिक शक्तिशाली बनाना होगा, ताकि हम उन ताकतों को हरा सकें, जो हमें बांटने की साजिश रच रही हैं।’’ 

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, जिनकी शुरुआत 1026 में महमूद गजनी के हमले से हुई और 17वीं और 18वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब के हमलों तक जारी रही। उन्होंने कहा कि महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने आक्रमण के दौरान मंदिर को मस्जिद में बदलने की कोशिश भी की। लेकिन हर हमले के बाद मालवा की रानी अहिल्याबाई होलकर सहित भगवान शिव के भक्तों द्वारा मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दूसरों को नष्ट करके उन्नति करने वाली सभ्यताएं अंततः स्वयं को ही नष्ट कर लेती हैं। सोमनाथ जैसे तीर्थस्थलों ने हमें सिखाया है कि सृजन का मार्ग लंबा है, लेकिन यह शाश्वत मार्ग भी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोमनाथ का इतिहास हमारे पूर्वजों की वीरता का गीत है। यह उनके बलिदान और समर्पण का प्रमाण है।’’ उन्होंने कहा कि आततायी अब इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी शान से खड़ा है। 

मोदी ने कहा कि जिस प्रकार मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की गई, उसी तरह विदेशी आक्रमणकारियों ने कई सदियों तक भारत को तबाह करने का प्रयास किया, लेकिन न तो सोमनाथ झुका और न ही देश। उन्होंने कहा, ‘‘आततायियों ने सोचा कि मंदिर को नष्ट करके उन्होंने जीत हासिल कर ली है, लेकिन 1000 साल बाद भी सोमनाथ का झंडा शान से लहरा रहा है।’’ 

उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में इन 1,000 वर्षों के संघर्ष की कोई बराबरी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आक्रमणकारी आते रहे और धर्म पर आतंकी हमले जारी रहे। लेकिन हर दौर में सोमनाथ का पुनर्निर्माण हुआ। सदियों तक चलने वाला ऐसा संघर्ष, ऐसा लंबा प्रतिरोध और अपनी संस्कृति में ऐसी अटूट आस्था - विश्व इतिहास में इसकी तुलना करना मुश्किल है।’’ 

मोदी ने कहा कि वीर हमीरजी गोहिल और वेगडाजी भील जैसे कई वीरजनों ने सोमनाथ मंदिर को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, दुर्भाग्य से उन्हें उनका उचित श्रेय और महत्व नहीं दिया गया। वास्तव में कुछ इतिहासकारों और नेताओं ने तो इन आक्रमणों के इतिहास को छिपाने का भी प्रयास किया।’’ 

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया। इसका आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए किया गया। इस यात्रा में 108 अश्वों की झांकी निकाली गई, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु एकत्र हुए थे। 

उन्होंने ऐतिहासिक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी, जिनकी प्रतिमा मंदिर परिसर के पास स्थापित है। युवा पुजारियों का एक समूह, जिन्हें ‘ऋषि कुमार’ भी कहा जाता है, मोदी के वाहन के साथ-साथ चलते हुए भगवान शिव का वाद्ययंत्र ‘डमरू’ बजा रहा था। एक समय ऐसा भी आया, जब मोदी ने स्वयं एक पुजारी से दो डमरू लिए और अपने वाहन पर खड़े होकर उन्हें बजाया। 

टॅग्स :नरेंद्र मोदीगुजरात
Open in App

संबंधित खबरें

भारतSomnath Swabhiman Parv: पीएम मोदी ने भारत की सभ्यतागत विरासत को मनाने के लिए पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की

भारतPM Modi Visit Somnath Temple: पीएम मोदी का आज से 3 दिन का गुजरात दौरा शुरू, सोमनाथ में करेंगे दर्शन, ओंकार मंत्र उच्चारण में लेंगे भाग

भारतसाल 2025 में पीएम मोदी-राष्ट्रपति ट्रंप की 8 बार फोन पर बात हुई, विदेश मंत्रालय ने कहा, वीडियो

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026ः 2021 में 20 पर बीजेपी और 191 सीट पर अन्नाद्रमुक लड़े चुनाव?, नयनार नागेंद्रन ने कहा-सीट बंटवारा फाइनल, घोषणा जल्द

भारतमुझे दुख और गुस्सा है, मैंने 2014 और 2019 में मोदी जी के लिए प्रचार किया था?, उद्धव ठाकरे ने कहा- प्रधानमंत्री ने मेरी पार्टी ही तोड़ दिया, राज पर क्या बोल गए पूर्व सीएम?

भारत अधिक खबरें

भारतहरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरण कंवल साहिब माछीवाड़ा गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा

भारतइंदौर: चाइनीज मांझा फिर बना ‘मौत का धागा, बाइक सवार टाइल्स ठेकेदार की गला कटने से दर्दनाक मौत

भारतयूपी में ई-ऑफिस पर निष्क्रिय 44,994 सरकारी कर्मियों का रुकेगा वेतन, ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, कृषि सहित कई विभागों में हुई ई-ऑफिस की अनदेखी  

भारतकेंद्रीय मंत्री और लोजपा (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने दिया संकेत, लोजपा(रा) उतर सकती है पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में, एनडीए में होगी चर्चा

भारतबिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस लोकतंत्र में 'लोक' हारा है 'तंत्र' जीता