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कांग्रेस ने विजयन के खिलाफ सोना तस्करी की आरोपी के खुलासों को स्तब्ध कर देने वाला बताया

By भाषा | Updated: March 5, 2021 18:35 IST

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तिरूवनंपतुरम, पांच मार्च कांग्रेस ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन के खिलाफ सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश के खुलासों को शुक्रवार को ‘‘स्तब्ध कर देने वाला’’ बताया।

दरअसल, स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाए हैं कि उन दोनों के इशारे पर विदेशी मुद्रा की तस्करी हुई।

बहरहाल, सत्तारूढ़ माकपा ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उसकी (केंद्र की) मंशा पर सवाल उठाए हैं।

मामले की जांच कर रहे सीमा शुल्क विभाग ने केरल उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर शुक्रवार को दावा किया कि सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन और कुछ मंत्रियों के खिलाफ डॉलर ‘तस्करी’ मामले में ‘‘सनसनीखेज खुलासे’’ किए हैं।

राज्य में विधानसभा चुनावों से कुछ हफ्ते पहले अदालत में हलफनामा दाखिल कर सीमा शुल्क विभाग ने कहा कि सुरेश ने एजेंसी को सीआरपीसी की धारा 108 और 164 के तहत दिए गए बयान में ये ‘‘खुलासे’’ किए।

केरल उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल करने वाले सीमा शुल्क आयुक्तालय पर प्रहार करते हुए सत्तारूढ़ माकपा ने आरोप लगाए कि जांच एजेंसियां इतना नीचे गिर गई हैं कि वे भाजपा के हाथों की कठपुतली भर बन कर रह गई हैं।

माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वाम मोर्चे की सरकार के खिलाफ खेले जा रहे ‘‘राजनीतिक खेल’’ के विरोध में वह प्रदर्शन करेगी।

विजयन पर प्रहार करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि खुलासों को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर रहने का अधिकार नहीं है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जांच एजेंसियों ने अभी तक मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

उन्होंने आरोप लगाए कि मजिस्ट्रेट के समक्ष सुरेश के खुलासे के बावजूद राज्य सरकार और केंद्र सरकारों ने मामले में विस्तृत जांच नहीं करवाई।

चेन्नीथला ने कहा, ‘‘इस स्तब्ध कर देने वाले खुलासे के बावजूद एजेंसियों ने जांच बंद कर दी है। जांच बंद करने के आदेश किसने दिए? जांच तब बंद किए गए, जब यह निश्चित था कि जांच मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा। यह मुख्यमंत्री और भाजपा द्वारा षड्यंत्र का हिस्सा लगता है।’’

उन्होंने कहा कि यह राज्य और केंद्र सरकारों का षड्यंत्र है।

माकपा ने आरोप लगाए कि उच्च न्यायालय में सीमा शुल्क विभाग द्वारा दाखिल किया गया हलफनामा यह प्रदर्शित करता है कि भाजपा यह जानकार निराश है कि चुनाव के बाद राज्य में वामपंथी दल सत्ता में बने रहेंगे।

माकपा ने बयान जारी कर कहा, ‘‘मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और वामपंथी सरकार की छवि केरल के समाज में सुशासन की है। इससे केंद्र की सरकार निराश है और वामपंथियों के खिलाफ वह किसी भी हद तक जा सकती है। जांच एजेंसियां इतना गिर गई हैं कि वे भाजपा के हाथों की चुनावी कठपुतली हो गई हैं। यह मत सोचिए कि लोग मूर्ख हैं।’’

इसने कहा कि आरोपी द्वारा एक महीने पहले दिए गए ‘गोपनीय बयान’ को चुनावों की घोषणा के बाद सीमा शुल्क विभाग द्वारा बताए जाने से केंद्र सरकार की मंशा साफ तौर पर जाहिर होती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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