लाइव न्यूज़ :

'नेतृत्व करना हर किसी के बस की बात नहीं', मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा का तंज

By स्वाति सिंह | Updated: March 10, 2020 13:08 IST

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा दिया है। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया ने इस्तीफे का फैसला दिल्ली में आज सुबह गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद लिया।

Open in App
ठळक मुद्देज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा दिया हैकांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा ने ट्विटर पर एक तल्ख टिप्पणी की है।

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंगलवार (10 मार्च) को दिल्ली में मुलाकात की। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा दिया है। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया ने इस्तीफे का फैसला दिल्ली में आज सुबह गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद लिया। अटकलें हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम सकते हैं।

इसी बीच कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा ने ट्विटर पर एक तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा 'Leadership is not everyone’s cup of tea. Or coffee.(नेतृत्व करना हर किसी के बस की बात नहीं है)। संजय झा के इस ट्वीट के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे यह टिपण्णी राहुल गांधी पर कर रहे हैं। दरअसल, राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में भारी मतों से हार के बाद पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया।   

बता दें कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ-सरकार को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि श्री सिंधिया के वफादार 17 विधायकों ने सोमवार को भाजपा शासित कर्नाटक के लिए एक चार्टर्ड में उड़ान भरी थीं। कर्नाटक जाने वाले विधायकों में से करीब आधा दर्जन कमलनाथ सरकार के मंत्री भी हैं। 

अभी की बात करें तो 230 सदस्यीय विधानसभा में 116 के बहुमत के निशान से सिर्फ चार विधायक ज्यादा कमलनाथ सरकार के पास हैं। अभी 114 विधायक कांग्रेस से, दो बसपा से, एक समाजवादी पार्टी से और चार निर्दलीय सरकार के पक्ष में हैं। लेकिन, अब जो स्थिति बनी है उसमें सरकार पर ज्यादा खतरा मंडराते दिख रहा है। वहीं, भाजपा के पास 107 विधायक हैं और वर्तमान में दो सीटें खाली हैं। यदि 17 विधायकों, जो कर्नाटक में हैं वो इस्तीफा देकर बाहर निकल गए, तो कांग्रेस कर्नाटक के बाद से अपना दूसरा राज्य खो देगी।

टॅग्स :ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधियामध्य प्रदेशकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कमलनाथशिवराज सिंह चौहानराहुल गांधी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल