कांग्रेस की राजनीति ‘सेल्फ फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, नेशन लास्ट’?, नितिन नबीन ने कांग्रेस और नेहरू गांधी परिवार पर बोला तीखा हमला
By एस पी सिन्हा | Updated: February 25, 2026 14:31 IST2026-02-25T14:28:30+5:302026-02-25T14:31:29+5:30
राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय रक्षा सेवाओं का उपयोग निजी वित्तीय हितों को मजबूत करने के लिए किया गया।

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पटनाः बिहार दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कांग्रेस और नेहरू गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्य संस्कृति ‘नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जहां राष्ट्रहित सर्वोपरि है। जबकि कांग्रेस की राजनीति ‘सेल्फ फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, नेशन लास्ट’ की सोच से संचालित रही है, जहां हमेशा से ही राष्ट्रहित से समझौता करते हुए व्यक्तिगत स्वार्थ को सर्वोपरि माना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यह ‘समझौता मिशन’ की कहानी है, जिसमें देश के हितों से समझौता कर परिवार के हितों को प्राथमिकता दी गई।
भारतीय जनता पार्टी की कार्यसंस्कृति ‘Nation First, Party Next, Self Last’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जहाँ राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
— Nitin Nabin (@NitinNabin) February 25, 2026
वहीं, कांग्रेस की राजनीति ‘Self First, Party Next, Nation Last’ की सोच से संचालित रही है, जहाँ हमेशा से ही राष्ट्रहित से compromise करते हुए…
नितिन नबीन ने कहा कि 1954 में किस प्रकार नेहरू ने बिना किसी रिवॉर्ड के तिब्बत में भारत के अधिकार को चीन को सौंप दिया। नितिन नबीन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर रक्षा सौदों के जरिए निजी बैंक खाते भरने के आरोप लगाए। राजीव गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय रक्षा सेवाओं का उपयोग निजी वित्तीय हितों को मजबूत करने के लिए किया गया।
नेहरू-गांधी परिवार के कॉम्प्रोमाइज की कहानी मैं आपसे साझा कर रहा हूं... एक समय था जब नेहरू जी ने खुद कहा था कि देश की 45 करोड़ जनता liability है।
— BJP (@BJP4India) February 25, 2026
इतिहास गवाह है कि नेहरू जी का कार्यालय कैसे CIA व अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए खुली किताब की तरह था।
1954 में नेहरू जी ने किस… pic.twitter.com/FtSNynBo1G
नितिन नबीन ने राहुल गांधी को ‘विदेशी शक्तियों की कठपुतली’ कहते हुए कहा कि कांग्रेस का चुनावी इतिहास सीआईए की फंडिंग से दागदार रहा है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन पर भी सवाल उठते हैं। नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के माध्यम से उन्होंने ‘सुपर प्रधानमंत्री’ की तरह काम किया और समानांतर सरकार चलाई।
उन्होंने दावा किया कि इसी अवधि में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी सरकार और निवेशक जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली। नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने हमेशा देश के हितों से समझौता किया और अपने राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस की राजनीति में कॉम्प्रोमाइज की परंपरा रही है।
नितिन नबीन ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लेते हुए कहा कि एक समय उन्होंने 45 करोड़ जनता को लायबिलिटी बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू का संबंध विदेशी ताकतों से रहा और उनका सचिवालय विदेशी एजेंसियों के लिए खुला रहता था। 1954 के भारत चीन समझौते का जिक्र करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि तिब्बत में भारत के अधिकार बिना किसी रिवार्ड के चीन को सौंप दिए गए। यह संदर्भ 1954 के पंचशील समझौते से जोड़ा जाता है, जिसमें भारत ने तिब्बत को चीन का हिस्सा मान लिया था।
वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें नकारात्मक राजनीति का चेहरा माना जाता है। नितिन नबीन के अनुसार राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं की, जिनमें से कई में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इन यात्राओं के पीछे क्या उद्देश्य था।
नितिन नबीन ने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी नेताओं, जैसे इल्हान ओमर और जॉर्ज सोरोस से मुलाकातें भी इसी संदर्भ में देखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है और यदि किसी भी तरह से उन्हें गुमराह करने की कोशिश होती है, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। नितिन नबीन ने दावा किया कि देश की जनता ऐसे नेताओं को सजा देगी।