लाइव न्यूज़ :

कांग्रेस विधायक ‘सरकार में शामिल हुए’, लेकिन विपक्षी पार्टी में ही रहेंगे

By भाषा | Updated: December 20, 2021 18:35 IST

Open in App

गुवाहाटी, 20 दिसंबर असम में विपक्षी कांग्रेस के विधायक शशिकांत दास विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘ सरकार’ में शामिल हो गए और वह सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे लेकिन कांग्रेस से तत्काल इस्तीफा नहीं देंगे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम प्रदेश भाजपा प्रमुख भबेश कलिता ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री के कक्ष में तब दास का स्वागत किया जब विधानसभा की कार्यवाही चल रही थी। दास लंबे अरसे से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को 'चौंकाने वाला' बताया है।

सरमा ने विपक्षी विधायक का स्वागत करते हुए पत्रकारों से कहा, “ दास ने राहा निर्वाचन क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार में शामिल होने का फैसला किया जहां से वह चुने गए थे। अभी यह तय नहीं है कि वह हमारे राजनीतिक दल में शामिल होंगे या नहीं।”

उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस विधायक बने रहेंगे और तुरंत इस्तीफा नहीं देंगे। एनएसयूआई से कांग्रेस से जुड़े रहे दास इस साल विधानसभा चुनाव में नगांव जिले के राहा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा पहुंचे थे।

सरमा से जब पूछा गया कि क्या दास भाजपा विधायक दल की बैठकों में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा, "कभी-कभी, वह हमारे कमरे में बैठेंगे। लेकिन सदन में, वह कांग्रेस के साथ बैठेंगे।"

दास ने कहा कि वह असम में सभी समुदायों के विकास के लिए सरमा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू किए गए सक्रिय कदमों से प्रभावित हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे सरमा पर बरसों से भरोसा है। मैं उनसे राहा के कुछ विकास संबंधी मुद्दों के लिए मिला था और वह उन पर बहुत सकारात्मक थे। मैं केवल विकास के उद्देश्य से सरकार के साथ हूं, लेकिन कांग्रेस छोड़ने पर कुछ भी तय नहीं किया है।”

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया करते हुए, विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया (कांग्रेस) ने कहा कि दास पार्टी के बुरे दिनों से भी कांग्रेस के साथ रहे हैं और उनका कदम "हमारे लिए एक चौंकाने वाला है।”

सैकिया ने कहा, “ शीतकालीन सत्र के पहले दिन यह हो जाएगा, हमें इसका अंदाज़ा नहीं था। कांग्रेस में रहने के चलते उल्फा ने दास को यातनाएं दी थी। पार्टी के प्रति उनकी ऐसी प्रतिबद्धता थी।”

विधानसभा के 126 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास फिलहाल 62 विधायक हैं जबकि उसकी सहयोगी यूपीपीएल के पास सात और एनजीपी के विधायकों की संख्या नौ है।

वहीं विपक्षी खेमे में, कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 27 है जबकि एआईयूडीएफ के 15 विधायक हैं। इसके बाद बीपीएफ के तीन और माकपा का एक सदस्य है। विधानसभा में एक निर्दलीय विधायक भी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टसरपंच साहब पैसा चाहिए तो 6.37 लाख रुपये रिश्वत दो?, प्रथम श्रेणी अधिकारी विलास लाड अरेस्ट

क्रिकेटइंडियन प्रीमियर लीग में भुवनेश्वर कुमार ने जड़ा 'दोहरा शतक', ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज, जानें पहले पायदान पर कौन?

क्रिकेट37 के साथ सबसे आगे CSK?, आईपीएल में सबसे ज्यादा 200 से अधिक रन बनाने वाली टीमें, देखिए टॉप-5 लिस्ट

क्राइम अलर्टमैडम दुकान के सामने गाड़ी मत लगाओ, ग्राहक को आने में दिक्कत होगी?, 78 वर्षीय दुकानदार को महिला उपनिरीक्षक ने थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारत अधिक खबरें

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल