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कांग्रेस ने नगालैंड गोलीबारी में आम नागरिकों की मौत पर केंद्र की आलोचना की

By भाषा | Updated: December 5, 2021 23:34 IST

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नयी दिल्ली, पांच दिसंबर कांग्रेस ने नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कथित गोलीबारी में आम नागरिकों की मौत को लेकर केंद्र पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना ने ‘‘अब तक शांतिपूर्ण पूर्वोत्तर को उथल-पुथल और हिंसा की ओर धकेलने में मोदी सरकार की अक्षमता और मूर्खता को फिर से उजागर कर दिया है।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब ‘‘आम लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी ही जमीन पर सुरक्षित नहीं हैं’’ तो सरकार को ‘‘सही-सही जवाब’’ देना चाहिए कि गृह मंत्रालय आखिर क्या कर रहा है।

नगालैंड में पुलिस ने कहा कि राज्य के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कथित गोलीबारी में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि वह इस घटना की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या यह गलत पहचान का मामला है। इस घटना के बाद हुई हिंसा में एक सैनिक की भी मौत हो गई थी।

घटना की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘यह दिल दुखाने वाला है। भारत सरकार को सही-सही जवाब देना चाहिए। गृह मंत्रालय आखिरकार कर क्या रहा है, जब आम नागरिक, यहां तक कि सुरक्षाकर्मी अपनी ही जमीन पर सुरक्षित नहीं हैं।’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने एक ट्वीट में कहा, “नगालैंड से हृदयविदारक खबर आ रही है, सभी पीड़ित परिवारों के लिए मेरी हार्दिक संवेदनाएं। वे न्याय के हकदार हैं।”

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ‘‘नगालैंड में गोलीबारी में 13 आम नागरिकों की हत्या’’ ने ‘‘अब तक शांतिपूर्ण पूर्वोत्तर को उथल-पुथल और हिंसा की ओर धकेलने में मोदी सरकार की अक्षमता और मूर्खता को फिर से उजागर कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और उसके लोकाचार को बड़े पैमाने पर नजरअंदाज करने ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘अभी हुआ नगालैंड समझौता, असम-मिजोरम सीमा गोलीबारी, हाल में मणिपुर में घात लगाकर किया गया हमला, अरुणाचल प्रदेश में सरकार गिराना, मणिपुर में जनादेश का गला घोंटना, ये सभी मोदी सरकार के अक्षम्य पापों की ओर इशारा करते हैं।’’

आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए एक ट्वीट में कांग्रेस ने कहा, “नगालैंड से आई दुखद खबर बेहद परेशान करने वाली है। पूर्वोत्तर में बार-बार हिंसा की घटनाएं कानून- व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने में मोदी सरकार की विफलता का स्पष्ट संकेत हैं।”

पार्टी ने कहा, “प्रधानमंत्री और गृहमंत्री - सरकार हमारे नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असमर्थ क्यों है?”

सेना ने रविवार को इस मामले की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश दिया और इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया।

सैन्य अधिकारियों ने बताया कि म्यांमा की सीमा से लगने वाले मोन जिले में उग्रवादियों की संभावित गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया था।

सेना ने कहा कि कई सुरक्षाकर्मी अभियान में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और एक जवान की मौत हो गई है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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