पूर्व सांसद विजय दर्डा और देवेंद्र दर्डा कोयला खदान आवंटन मामले में बरी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 27, 2026 15:35 IST2026-03-27T12:49:01+5:302026-03-27T15:35:52+5:30

नई दिल्ली स्थित आरएडीसी की कोयला घोटाला अदालत की विशेष न्यायाधीश ने आज सीबीआई द्वारा दायर कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा और अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

Coal scam case former Rajya Sabha MP Vijay Darda Son Devendra Darda Manoj Kumar Jaiswal acquitted after trial 11 years | पूर्व सांसद विजय दर्डा और देवेंद्र दर्डा कोयला खदान आवंटन मामले में बरी

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Highlightsअधिवक्ता मुदित जैन ने विजय दर्डा, देवेंद्र दर्डा, मनोज कुमार जायसवाल और संबंधित कंपनी का प्रतिनिधित्व किया।बंदर कोयला ब्लॉक प्राप्त करने के लिए तत्कालीन कोयला सचिव एच.सी. गुप्ता के साथ साजिश रची थी। विजय दर्डा ने कंपनी के लाभ के लिए बंदर कोयला ब्लॉक आवंटित करने हेतु प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखे थे।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा और पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता को कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित एक मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश या कदाचार का कोई सबूत न मिलने के बाद बरी कर दिया।

सीबीआई की विशेष न्यायाधीश सुनैना शर्मा ने मनोज कुमार जायसवाल और ‘मैसर्स एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ को भी बरी कर दिया। इस मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा, मनोज कुमार जायसवाल, मेसर्स एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड और तत्कालीन लोक सेवक एच.सी. गुप्ता को 11 साल तक चले मुकदमे के बाद बरी कर दिया गया। अधिवक्ता मुदित जैन ने विजय दर्डा, देवेंद्र दर्डा, मनोज कुमार जायसवाल और संबंधित कंपनी का प्रतिनिधित्व किया।

अधिवक्ता युगंत शर्मा आरोपियों की ओर से पेश हुए। यह मामला विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर की गई यह पहली चार्जशीट थी। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि मेसर्स एएमआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड ने कोयला मंत्रालय को प्रस्तुत आवेदन और प्रतिक्रिया प्रपत्रों में गलत जानकारी देकर सरकार को धोखा देने का प्रयास किया था।

बंदर कोयला ब्लॉक प्राप्त करने के लिए तत्कालीन कोयला सचिव एच.सी. गुप्ता के साथ साजिश रची थी। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन सांसद विजय दर्डा ने कंपनी के लाभ के लिए बंदर कोयला ब्लॉक आवंटित करने हेतु प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखे थे।

हालांकि, सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि दर्डा और अन्य आरोपियों की ओर से कोई धोखाधड़ी या बेईमानी का इरादा नहीं था। रिकॉर्ड के अनुसार, आवंटन प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के पास सभी प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध थी और किसी भी गवाह ने धोखाधड़ी या प्रलोभन के आरोपों का समर्थन नहीं किया।

24.6 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप झूठे साबित हुए। विजय दरदा द्वारा प्रधानमंत्री को बंदर कोयला खदान के आवंटन के लिए लिखे गए पत्रों में इसका कोई उल्लेख नहीं मिला। अदालत ने कहा कि सरकार धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश या कदाचार के आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रही है। अदालत ने सभी आरोपियों को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया।

Web Title: Coal scam case former Rajya Sabha MP Vijay Darda Son Devendra Darda Manoj Kumar Jaiswal acquitted after trial 11 years

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