लाइव न्यूज़ :

यूपी: CM योगी सरकार ने जारी किए अपराध के पिछले नौ वर्षों के आंकड़े, किया जबरदस्त सुधार का दावा

By भाषा | Updated: August 21, 2020 05:33 IST

साल 2017 से लेकर अभी तक ऐसी एक भी वारदात नहीं घटित हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के पंजीकृत अभियोगों के तहत मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रभावी कार्यवाही हुई है।

Open in App
ठळक मुद्देमौजूदा सरकार के कार्यकाल में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत साल 2012 में 44, 2016 में 82 और 2020 में 112 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की ''जीरो टॉलरेंस'' नीति का नतीजा है कि प्रदेश में अपराध न्यूनतम स्तर पर है। गृह विभाग के प्रवक्ता ने यहां बताया कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

डकैती के मामले में वर्ष 2016 के सापेक्ष 2020 में 74.50 फीसदी और 2012 के सापेक्ष 74.67 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। इसी तरह, इन्हीं वर्षों के आंकड़ों को देखें तो लूट के मामलों में क्रमशः 65.29 फीसदी और 54.25 फीसदी की गिरावट हुई है। हत्या के मामलों में क्रमशः 26.43 फीसद और 29.74 फीसदी की कमी आई है। फिरौती के लिए अपराध के मामलों में वर्ष 2016 के सापेक्ष 2020 में 54.55 फीसदी और 2012 के मुकाबले 64.29 फीसदी की कमी आई है।

प्रवक्ता के मुताबिक, बलात्कार के मामलों में वर्ष 2013 के मुकाबले 2020 में 25.94 फीसदी और 2016 के मुकाबले 38.74 फीसदी और 2019 के सापेक्ष 28.13 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए एक जनवरी 2019 से इस साल 30 जून तक 922 मुकदमों में आरोपियों को सजा हुई है। इनमें से पांच को मृत्युदंड, 193 को उम्र कैद और 724 को अन्य सजा हुई है। वहीं, राहजनी के मामलों में यह गिरावट 100 फीसदी रही है।

साल 2017 से लेकर अभी तक ऐसी एक भी वारदात नहीं घटित हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के पंजीकृत अभियोगों के तहत मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रभावी कार्यवाही हुई है। गुंडा अधिनियम के तहत वर्ष 2012 में 12,149, वर्ष 2016 में 13,615 मुकदमे दर्ज हुए थे जबकि 2020 में अब तक 17,908 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं।

गैंगस्टर एक्ट के तहत 2012 में 1313, वर्ष 2016 में 1716 और 2020 में 2346 मुकदमे दर्ज हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत साल 2012 में 44, 2016 में 82 और 2020 में 112 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। प्रवक्ता ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले काफी आगे है।

भारतीय दंड विधान के अपराधों में 4,14,112 गिरफ्तारियों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। भारतीय दंड विधान के अपराधों में गिरफ्तार अभियुक्तों में से 1,44,274 की दोष सिद्धि के साथ राज्य दूसरे स्थान पर है। 

टॅग्स :उत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथ
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन