लाइव न्यूज़ :

बादल का फटना एक स्थानीय घटना, पर्वतीय क्षेत्रों में ज्यादातर होती हैं, जिससे पूर्वानुमान करना मुश्किल:विशेषज्ञ

By भाषा | Updated: July 28, 2021 19:53 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 28 जुलाई बादल फटने से हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के प्रभावित होने के सिलसिले में विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि इस आपदा का पूर्वानुमान करना मुश्किल है क्योंकि यह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर होने वाली घटना है और पर्वतीय क्षेत्रों में हुआ करती है।

किसी स्थान पर एक घंटे में यदि 10 सेंटीमीटर वर्षा होती है तो इसे बादल का फटना कहा जाता है। अचानक इतनी अधिक मात्रा में वर्षा होने से न सिर्फ जनहानि होती है बल्कि संपत्ति को भी नुकसान होता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युजंय महापात्रा ने कहा कि बादल फटने की घटना बहुत छोटे क्षेत्र में होती है और यह हिमालयी क्षेत्रों या पश्चिमी घाट के पर्वतीय इलाकों में हुआ करती है।

उन्होंने कहा कि जब मॉनसून की गर्म हवाएं ठंडी हवाओं के संपर्क में आती है जब बहुत बड़े आकार के बादलों का निर्माण होता है। ऐसा स्थलाकृति या पर्वतीय कारकों के चलते भी होता है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलवत ने कहा कि इस तरह के बादल को घने काले बादल कहा जाता है और यह 13-14 किमी की ऊंचाई पर हो सकते हैं।

यदि वे किसी क्षेत्र के ऊपर फंस जाते हैं या उन्हें छितराने के लिए कोई वायु गति उपलब्ध नहीं होती है तो वे एक खास इलाके में बरस जाते हैं।

इस महीने, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं हुई। ये सभी पर्वतीय इलाके हैं।

महापात्रा ने कहा, ‘‘बादल फटने का पूर्वानुमान नहीं किया जा सकता। लेकिन हम बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के मामले में हमने एक रेड अलर्ट जारी किया था। ’’

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम राजीवन ने कहा कि बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि इसका पूर्वानुमान करना मुश्किल है लेकिन डोप्पलर रेडार उसका पूर्वानुमान करने में बहुत मददगार है। हालांकि, हर जगह रेडार नहीं हो सकता, खासतौर पर हिमालयी क्षेत्र में।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

भारतनहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

भारत अधिक खबरें

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब