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नागरिकता कानून विरोध: गुवाहाटी से कर्फ्यू हटा, शिलांग-डिब्रूगढ़ में छूट, जानें पूर्वोत्तर के हालात

By भाषा | Updated: December 17, 2019 12:23 IST

गुवाहाटी में कर्फ्यू हटा लिया गया है, निलंबित मोबाइल-इंटरनेट सेवा पर रोक हटाने पर अभी निर्णय नहीं हुआ है.

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ठळक मुद्देशिलांग में सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में छूटडिब्रूगढ़ में 14 घंटे की छूट, मोबाइल-इंटरनेट सेवा रहेगी निलंबित

असम के कुछ हिस्सों में पिछले छह दिनों से लगे कर्फ्यू को हटा दिया गया है। गुवाहाटी में पूरी तरह से कर्फ्यू हटा दिया गया है जबकि डिब्रूगढ़ में 14 घंटे की ढील दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि असम में दुकानें और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं। बस, कार और दोपहिया वाहन सड़कों पर नजर आ रहे हैं। कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा सोमवार को बुलाई गई एक बैठक में गुवाहाटी से कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया गया। 

बयान में हालांकि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के बारे में कोई जिक्र नहीं है। असम में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद प्रदर्शनकारियों ने तीन रेलवे स्टेशन, एक पोस्ट ऑफिस, एक बैंक , एक बस टर्मिनस, कई दुकानें, वाहनों और कई अन्य सार्वजनिक सम्पत्तियों को आग लगा दी थी या उनमें तोड़-फोड़ की थी। प्रदर्शनों में बुधवार तक पांच लोग अपनी जान गंवा चुके थे। 

वहीं मेघालय की राजधानी शिलांग में मंगलवार को कर्फ्यू में 13 घंटे की छूट दी गई है। हालांकि यहां अब भी मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित रहेगी। ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने बताया कि लुमडियेन्गजरी पुलिस थाना क्षेत्र और सदर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू में सुबह छह बजे से ढील दी गई है। यहां बैंक और मुख्य बाजार खुले हुए हैं और वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। विद्यालयों में सालाना परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ज्यादातर संस्थानों में शीतकालीन छुट्टियां हो गई हैं। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवा सोमवार को शाम पांच बजे से 48 घंटों के लिए बंद है। 

वहीं मोबाइल संदेश सेवा में छूट दी गई है और प्रत्येक नंबर से पांच संदेश भेजे जा सकते हैं जिसमें ओटीपी सेवा भी शामिल है। अधिकारी ने बताया कि सोमवार से हिंसा की कोई खबर नहीं है। सभी सामाजिक संगठनों और दबाव बनाने वाले समूहों की शीर्ष इकाई मेघालय सामाजिक परिसंघ (सीओएमएसओ) ने राज्य सरकार द्वारा इनर लाइन परमिट के कार्यान्वयन की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित करने का स्वागत किया है। बहरहाल, सीओएमएसओ के सदस्य संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में धरना दे कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

टॅग्स :नागरिकता संशोधन बिल 2019असममेघालय
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