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देश में मॉडर्ना के आने का रास्ता साफ, डीसीजीआई ने वैक्सीन के आयात को लेकर सिप्ला को दी अनुमति

By अभिषेक पारीक | Updated: June 29, 2021 16:25 IST

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने मुंबई की औषधि कंपनी सिप्ला को आपात उपयोग के लिए मॉडर्ना के कोविड-19 टीके के आयात की अनुमति दे दी है।

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ठळक मुद्देमॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को भारत में आयात की मंजूरी दे दी गई है।  सिप्ला ने मॉडर्ना की ओर से वैक्सीन के आयात और विपणन की अनुमति मांगी थी। महामारी की स्थिति को देखते हुए सीडीएससीओ भी वैक्सीन को अनुमति देने के पक्ष में था। 

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने मुंबई की औषधि कंपनी सिप्ला को आपात उपयोग के लिए मॉडर्ना के कोविड-19 टीके के आयात की अनुमति दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक के बाद मॉडर्ना का टीका भारत में उपलब्ध होने वाला कोविड-19 का चौथा टीका होगा। 

एक सूत्र ने बताया, 'डीसीजीआई ने ड्रग्स ऐंड कॉस्मेटिक्स एक्ट,1940 के तहत नयी औषधि एवं क्लिनिकल परीक्षण नियम, 2019 के प्रावधानों के मुताबिक सिप्ला को देश में सीमित आपात उपयोग के लिए मॉडर्ना के कोविड-19 टीके का आयात करने की अनुमति दे दी है। '

मॉडर्ना ने एक पत्र में 27 जून को डीसीजीआई को सूचना दी कि अमेरिकी सरकार यहां उपयोग के लिए कोविड-19 के अपने टीके की एक विशेष संख्या में खुराक 'कोवैक्स' के जरिए भारत सरकार को दान में देने के लिए सहमत हो गई है। साथ ही, उसने इसके लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से मंजूरी मांगी है। 

सिप्ला ने सोमवार को अमेरिकी फार्मा कंपनी की ओर से इन टीकों के आयात और विपणन का अधिकार देने के लिए औषधि नियामक से अनुरोध किया था। उल्लेखनीय है कि कोवैक्स कोविड-19 के टीके के न्यायसंगत वितरण के लिए एक वैश्विक पहल है। 

इस्तेमाल से पहले सुरक्षा आंकलन सौंपना होगा

एक अधिकारी ने कहा कि आपात परिस्थितियों में सीमित उपयोग के लिए यह अनुमति जनहित में है। कंपनी को टीकाकरण कार्यक्रम के लिए टीके का इस्तेमाल शुरू करने से पहले प्रथम 100 लाभार्थियों में किये गये टीके का सुरक्षा आकलन सौंपना होगा। 

सिप्ला ने एक दिन पहले ही मांगी थी अनुमति

सिप्ला ने सोमवार को एक आवेदन देकर इस टीके के आयात की अनुमति मांगी थी। उसने 15 अप्रैल और एक जून के डीसीजीआई नोटिस का हवाला दिया था। नोटिस में कहा गया था कि यदि टीके को आपात उपयोग अधिकार (ईयूए) के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) द्वारा अनुमति दी जाती है, तो टीके को बिना ‘ब्रिजिंग ट्रायल’ के विपणन का अधिकार दिया जा सकता है। इसके अलावा, हर खेप को केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल), कसैली से जांच कराने की जरूरत की छूट मिल सकती है।  

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