लाइव न्यूज़ :

पुराने ट्वीट पर सवाल उठने के बाद चौहान के नवनियुक्त ओएसडी ने पद संभालने से किया इंकार

By भाषा | Updated: June 8, 2021 19:02 IST

Open in App

भोपाल, आठ जून मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नवनियुक्त संचार सलाहकार ने भाजपा के नेताओं द्वारा हिंदुत्व की विचारधारा की आलोचना करने वाले उनके पिछले कुछ ट्वीट को सामने लाने के बाद अपना नया पद संभालने से मंगलवार को इनकार कर दिया।

मुम्बई निवासी तुषार पांचाल ने ‘एट द रेट तुषार’ हैंडल से किये गये ट्वीट में कहा, ‘‘मैंने शिवराज सिंह चौहान द्वारा दी गई जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है और मुख्यमंत्री को अपनी असमर्थता के बारे में बता दिया है।’’

हालांकि यह पता नहीं चल सका है कि ये पांचाल का अपना ट्विटर अकाउंट है या नहीं, लेकिन प्रदेश के एक भाजपा नेता ने पुष्टि की है कि उन्होंने (तुषार पांचाल ने) नया पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने (पांचाल) इसी ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री कार्यालय में संचार सलाहकार नियुक्त होने की जानकारी दी थी।

प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सोमवार शाम को पांचाल को विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के पद पर नियुक्त करने करने का आदेश जारी किया गया था।

इसके तुरंत बाद ही भाजपा के कुछ नेताओं ने तुषार के पिछले ट्वीट्स, जो कि हिंदुत्व की विचारधारा की आलोचना करने वाले थे और एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख था, का हवाला दिया।

भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ऐसे ही दो ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज चौहान से पूछा कि क्या आपको ऐसे लोगों की जरूरत है।

इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी पांचाल के कुछ पुराने ट्वीट निकाल कर सोशल मीडिया पर साझा किए जो कि कथित तौर पर भाजपा की आलोचना के थे।

सलूजा ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य सरकार को पांचाल को हटाने के लिये मजबूर किया गया क्योंकि पांचाल ने मोदी के खिलाफ ट्वीट किया था लेकिन यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि पांचाल स्वयं ही यह पद स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

प्रदेश भाजपा के सचिव रजनीश अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि भाजपा का इस घटनाक्रम से कोई लेना देना नहीं है। अग्रवाल ने दावा किया, ‘‘प्रदेश सरकार ने उन्हें (पांचाल) मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किया और यह उस व्यक्ति पर है कि वह उसे स्वीकार या अस्वीकार करे। पार्टी का इसमें कोई लेना-देना नहीं है।’’

इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने भी वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का मीडिया सलाहकार नियुक्त करने का 17 मई को जारी आदेश दो दिन बाद ही वापस ले लिया था।

तब भी भाजपा के कुछ नेताओं ने मानसेरा की नियुक्ति पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और दावा किया था कि वरिष्ठ पत्रकार अतीत में नरेंद्र मोदी सरकार के आलोचक रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टDelhi: बेड बॉक्स में प्रेमिका की लाश, चाचा के साथ संबंध न बनाने पर प्रेमी ने की खौफनाक करतूत

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: एक क्लिक से जानें पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट, चेक करें अपने शहर के दाम

भारतAssembly Elections 2026: किसे मिलेगी सत्ता? असम, केरल और पुडुचेरी में जनता लिख रही है भविष्य; 4 मई को खुलेगा किस्मत का पिटारा

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

भारत अधिक खबरें

भारतराहुल सांकृत्यायन: घुमक्कड़ी ने जिन्हें महापंडित बनाया 

भारतAssembly elections 2026: केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीट पर वोटिंग?, जानिए कब होंगे मतगणना

भारतSummer Special Trains 2026: गर्मियों की छुट्टियों के लिए रेलवे चला रहा है स्पेशल ट्रेनें, जानें रूट और टाइमिंग

भारत21वीं सदी की विकास यात्राः आइए, मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करें?

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियमः 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 2029 के आम चुनाव में लागू?, लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी