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क्या आपको पता है भारत में 14 नहीं बल्कि 20 नवंबर को मनाया जाता था बाल दिवस, जानें क्या थी वजह

By मेघना वर्मा | Updated: November 14, 2018 10:40 IST

दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जो अपना बाल दिवस एक जून को मनाते हैं। इस दिन ना सिर्फ बच्चों को गिफ्ट्स दिए जाते हैं बल्कि उनके स्कूल में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

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देश भर में आज बाल दिवस मनाया जा रहा है। आज ही के दिन यानी 14 नवंबर को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन हुआ था। चाचा नेहरू को बच्चों से बड़ा प्यार था इसी के उपलक्ष्य में हर साल जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं देश में 1964 से पहले 14 नहीं बल्कि 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। क्या है इसका कारण आइए हम बताते हैं आपको। 

संयुक्त राष्ट्र ने की थी घोषणा

सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया भर में 1954 में संयुक्त राष्ट्र ने 20 नवंबर को बाल दिवस मनाने की घोषणी की थी। यही कारण है कि हर साल भारत में भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। लेकिन जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद इस फैसले को बदल दिया गया और 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाने लगा। 

1964 से भारत को मिला अपना बाल दिवस

जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। चाचा नेहरू को बच्चों से खास लगाव था। वह बच्चों और युवाओं को भारत का भविष्य बताते थे। जवाहर लाल नेहरू कहते थे कि ये बहुत जरूरी है कि बच्चों को प्यार दिया जाए और उनकी देखभाल की जाए ताकि वो अपने पैरों पर खड़े हो सकें। 27 मई 1964 में नेहरू के निधन के बाद उनकी याद में हर साल उनके जन्मदिन पर 14 नवंबर को देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। 

कई देशों में एक जून को मनाया जाता है बाल दिवस

दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जो अपना बाल दिवस एक जून को मनाते हैं। इस दिन ना सिर्फ बच्चों को गिफ्ट्स दिए जाते हैं बल्कि उनके स्कूल में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। भारत में बाल दिवस के दिन कई संस्थान और एनजीओ बाल मजदूरी के खिलाफ भी लोगों को जागरूक करते हैं।  

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