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बाल आयोग ने पुलिस, ट्विटर से दलित बच्ची की मौत पर राहुल के ट्वीट को लेकर कार्रवाई करने को कहा

By भाषा | Updated: August 4, 2021 22:01 IST

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नयी दिल्ली, चार अगस्त राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दिल्ली में कथित दुष्कर्म और हत्या मामले की पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से साझा की गई तस्वीर को लेकर बुधवार को ट्विटर इंडिया और दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहा।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने आयोग के इस कदम को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार देते हुए कहा कि बेहतर यह होता कि आयोग इस मामले में सरकार को नोटिस जारी कर पूछता कि देश की राजधानी में नौ साल की बच्ची के साथ इतनी जघन्य घटना कैसे हुई।

बाल आयोग की ओर से ट्विटर इंडिया के शिकायत अधिकारी को लिखे पत्र में कहा गया है कि किसी भी नाबालिग पीड़िता के परिवार की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करना किशोर न्याय कानून, 2015 की धारा 74 और बाल यौन अपराध रोकथाम कानून (पॉक्सो) की धारा 23 का उल्लंघन है।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने ट्विटर इंडिया को भेजा गया पत्र साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘एक पीड़ित बच्ची के माता पिता की फ़ोटो ट्वीट कर उनकी पहचान उजागर कर पॉक्सो कानून का उल्लंघन करने पर एनसीपीसीआर ने संज्ञान लेते हुए ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी कर श्री राहुल गांधी के ट्विटर हैंडल के विरुद्ध कार्यवाही करने एवं पोस्ट हटाने के लिए कहा है।’’

आयोग ने दिल्ली पुलिस से भी कार्रवाई करने को कहा है। उसने पुलिस और ट्विटर से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने बुधवार को यहां उस नौ वर्षीय बच्ची के माता-पिता से मुलाकात कर पूरी मदद का भरोसा दिलाया जिसकी पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बच्ची के परिवार ने उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेता ने बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘माता-पिता के आंसू सिर्फ़ एक बात कह रहे हैं- उनकी बेटी, देश की बेटी न्याय की हक़दार है। और न्याय के लिए इस रास्ते पर मैं उनके साथ हूं।"

एनसीपीसीआर के इस कदम के बारे में पूछे जाने पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा, ‘‘यह राजनीति से प्रेरित कदम है। बेहतर होता कि आयोग केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछता कि इतनी जघन्य घटना कैसे हुई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बच्ची के परिवार से मुलाकात का कई चैनलों ने प्रसारण किया। कई लोगों ने ट्वीट किया। क्या सबके खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा? यह केंद्र सरकार की विफलता को छिपाने की कोशिश है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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