कांग्रेस की तुष्टिकरण राजनीति के कारण ही देश का विभाजन?, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा-बिना जाति धर्म देखे हम सबके लिए सोचते हैं...
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 7, 2026 12:36 IST2026-02-07T12:35:33+5:302026-02-07T12:36:19+5:30
फडणवीस ने गढ़चिरोली में एक दिन पहले नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए कमांडो के परिवार के एक सदस्य को 2.25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।

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नागपुरः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ही देश का विभाजन हुआ है...वो आज भी लगातार तुष्टिकरण करते रहते हैं। हमारा स्पष्ट कहना है कि बिना जाति धर्म देखे हुए सबके लिए न्याय लेकिन तुष्टिकरण किसी का नहीं। हमने महाराष्ट्र में माओवाद को लगभग समाप्त ही कर दिया है। केवल एक कंपनी बची थी, उसके भी 7 लोग कल मारे गए हैं। मुझे लगता है कि बचे हुए लोग या तो आत्मसमर्पण करेंगे या फिर उनको भी मारा जाएगा, इसको लेकर छत्तीसगढ़ में भी बहुत तेजी से काम चल रहा है।
फडणवीस ने शनिवार को गढ़चिरोली में एक दिन पहले नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए कमांडो के परिवार के एक सदस्य को 2.25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। फडणवीस ने गढ़चिरोली पुलिस की सी-60 यूनिट के कमांडो दीपक चिन्ना मदावी, जो अहेरी निवासी थे, को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मदावी ने मुठभेड़ में अपनी जान गंवाई, जिसमें छह अन्य कट्टर नक्सली भी मारे गए। फडणवीस ने कहा, "मैं शहीद सैनिक दीपक चिन्ना मदावी को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से 2.25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें सहायता और अन्य लाभ शामिल हैं, साथ ही परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “देश की सुरक्षा और माओवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए दीपक मदवी द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को हम कभी नहीं भूलेंगे। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। महाराष्ट्र पुलिस बल और सरकार उनके परिवार के शोक में पूरी तरह से शामिल हैं।”
गढ़चिरोली पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सी-60 दस्ते के जवानों ने गढ़चिरोली जिले के नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में दो माओवादी शिविरों को नष्ट कर दिया है। पिछले तीन दिनों से इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चल रहा है। पुलिस ने बताया, "इस अभियान में अब तक पांच बंदूकें और सात माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।"
पुलिस ने आगे कहा, "दुर्भाग्यवश, इस अभियान के दौरान माओवादियों से मुठभेड़ करते हुए सी-60 टीम के हमारे बहादुर जवान दीपक चिन्ना मदवी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर से भामरागड के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे शहीद हो गए।"