महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं?, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा-हम अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश का खुले दिल से स्वागत करते

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 2, 2026 18:36 IST2026-01-02T18:24:32+5:302026-01-02T18:36:58+5:30

भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने महाराष्ट्र में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के अपने फैसले को तीव्र विरोध प्रदर्शनों के बाद रद्द कर दिया।

Chief Minister Devendra Fadnavis said Only Marathi compulsory in Maharashtra no other language welcome English, French and Spanish with open heart | महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं?, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा-हम अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश का खुले दिल से स्वागत करते

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Highlights मुद्दे की जांच के लिए एक समिति का गठन किया।व्यापक रूप से बहस का विषय बना हुआ है। पसंद की कोई भी भारतीय भाषा सीखने की स्वतंत्रता है।

पुणेः मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं। सतारा में 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए फडणवीस ने यह भी कहा कि फ्रेंच और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का खुले दिल से स्वागत करते हुए अन्य भारतीय भाषाओं का विरोध करना गलत है। पिछले साल, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने महाराष्ट्र में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के अपने फैसले को तीव्र विरोध प्रदर्शनों के बाद रद्द कर दिया और इस मुद्दे की जांच के लिए एक समिति का गठन किया।

फडणवीस ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा व्यापक रूप से बहस का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के तौर पर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है। कोई अन्य भाषा अनिवार्य नहीं है। हालांकि, तीन-भाषा प्रणाली को लेकर मतभेद थे। छात्रों को अपनी पसंद की कोई भी भारतीय भाषा सीखने की स्वतंत्रता है।

सवाल सिर्फ यह था कि तीसरी भाषा किस कक्षा से शुरू की जानी चाहिए।’’ विवाद का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान तैयार की गई एक रिपोर्ट में पहली कक्षा से ही हिंदी को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई थी और उनकी सरकार ने शुरू में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था।

उन्होंने कहा, लेकिन पहली कक्षा से ही (हिंदी) भाषा को अनिवार्य बनाने को लेकर व्यापक बहस और विरोध हुआ, इसलिए नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, मैं यह दोहराना चाहूंगा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं खेदपूर्वक यह भी कहना चाहूंगा कि हम अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी भाषाओं का खुले दिल से स्वागत करते हैं... इन भाषाओं के प्रति हमारा रुख सकारात्मक है क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय भाषाएं हैं। लेकिन भारतीय भाषाओं का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का स्वागत करना अनुचित है। मेरा मानना ​​है कि हमारी भारतीय भाषाओं को भी वही सम्मान मिलना चाहिए, और यही हमारा रुख है।’’

मुंबई का महापौर हिंदू-मराठी होगा: फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई का अगला महापौर सत्तारूढ़ महायुति पार्टी से होगा और ‘हिंदू’ व मराठी’ होगा। राजनीतिक दलों के बीच हो रहे दावों और शहर के सर्वोच्च नागरिक पद पर सही उम्मीदवार को बैठाने के मुद्दे पर बहस के बीच यह बयान आया है। फडणवीस ने एक सवाल के जवाब में कहा, “मुंबई का महापौर महायुति गठबंधन से होगा।

मुंबई का महापौर हिंदू और मराठी होगा।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी किसी भी ‘खान’ को शहर का महापौर नहीं बनने देगी, जिसके बाद यह मुद्दा और गरमा गया था। इस बयान पर शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

हाल ही में शिवसेना (उबाठा) के साथ गठबंधन करने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने घोषणा की थी कि ‘मुंबई का महापौर मराठी होगा और हमारा होगा’। फडणवीस ने अब यह कहकर मुद्दे को अलग रुख दे दिया है कि मुंबई का महापौर हिंदू और मराठी होगा, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनावों के लिए प्रचार तेज होने के साथ ही राजनीतिक खींचतान और भी तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री ने ये टिप्पणियां ‘मुंबई तक’ समाचार चैनल के साथ ‘महाचावड़ी’ नामक एक संवाद के दौरान कीं। इस दौरान वह शहर की भूमिगत मेट्रो लाइन में यात्रा कर रहे थे और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सवालों के जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह द्वारा उत्तर भारतीय को महापौर बनाए जाने के बारे में कथित टिप्पणियों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “सिंह ने यह टिप्पणी मुंबई के संदर्भ में नहीं की थी। वे पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता भी नहीं हैं।”

सिंह ने बुधवार को कहा था कि मुंबई महानगर क्षेत्र की मीरा भायंदर महानगर पालिका में “उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी” महापौर के चुनाव को सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य में बीएमसी सहित 29 महानगर पालिका के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन होगी।

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