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छत्तीसगढ़ः सरकार बनते ही कर्जमाफी की दिशा में बड़ा कदम, 3.57 लाख किसानों के खाते में डाले गए 1,248 करोड़ रुपये

By भाषा | Updated: December 27, 2018 22:32 IST

यह राशि किसानों की कृषि उपज बिक्री में से काट ली गयी थी, जो कि उन्हें मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वापस की गई है।

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रायपुर, 27 दिसम्बरः छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की कृषि रिण माफी की दिशा में बड़ी पहल करते हुये 3.57 लाख किसानों के खातों में 1,248 करोड़ रूपये की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि राज्य की 1276 सहकारी समितियों के तीन लाख 57 हजार किसानों के खातों में एक ही दिन में 1, 248 करोड़ रूपए की राशि ऑनलाइन हस्तांतरित कर दी गयी है। यह राशि किसानों की कृषि उपज बिक्री में से काट ली गयी थी, जो कि उन्हें मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वापस की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना 2018 जारी कर दी है। यह छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ऋण माफी योजना है। इस योजना के प्रथम चरण में एक नवम्बर 2018 से 24 दिसम्बर 2018 के दौरान तीन लाख 57 हजार किसानों से अल्पकालीन ऋण के रूप में लिंकिंग के जरिये वसूल की गयी 1248 करोड़ रूपए की राशि आज उनके बचत खातों में वापस कर दी गई।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत सहकारी बैंकों और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंकों के कर्जदार कुल 16 लाख 65 हजार किसानों के 6,230 करोड़ रूपए माफ किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के लगभग 15 लाख किसानों के 30 नवम्बर 2018 तक के कृषि ऋणों की करीब 5,170 करोड़ रूपए की राशि माफ की जा रही है। इसी कड़ी में एक नवम्बर 2018 से 30 नवम्बर 2018 के बीच प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा लिकिंग अथवा नगद के रूप में चुकाई गयी ऋण राशि भी माफी योग्य है।

राज्य के सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा 24 दिसम्बर 2018 तक नगद/लिंकिंग में लगभग तीन लाख 57 हजार किसानों से 1248 करोड़ रूपए की वसूली की गयी है, जिन्हें वापस करने का कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से सम्बद्ध लगभग एक लाख 65 हजार किसानों के 1060 करोड़ रूपए के ऋण माफ होंगे। किसानों की कृषि उपज की बिक्री से प्राप्त राशि को उनके कृषि रिण में समायोजित कर लिया गया था इसी को यहां लिंकिंग कहा गया है। कृषि रिण माफी के तहत यह राशि किसानों को लौटाई गई है। 

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