चक्का जाम: पंजाब, हरियाणा में किसानों ने सड़कें अवरुद्ध की

By भाषा | Updated: February 6, 2021 20:29 IST2021-02-06T20:29:55+5:302021-02-06T20:29:55+5:30

Chakka jam: farmers blocked roads in Punjab, Haryana | चक्का जाम: पंजाब, हरियाणा में किसानों ने सड़कें अवरुद्ध की

चक्का जाम: पंजाब, हरियाणा में किसानों ने सड़कें अवरुद्ध की

चंडीगढ़, छह फरवरी किसानों ने शनिवार को तीन घंटे के 'चक्का जाम' आंदोलन के दौरान पंजाब और हरियाणा में सड़कों के बीचों-बीच अपनी ट्रैक्टर ट्रॉलियां खड़ी कर दीं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कई स्थानों पर प्रदर्शन में महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या में भागीदारी रही।

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रव्यापी ‘‘चक्का जाम’’ करने का आह्वान किया था।

प्रदर्शन स्थलों के आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाये जाने, अधिकारियों द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किये जाने और अन्य मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक तीन घंटे के चक्का जाम का एलान किया गया था।

किसान नेताओं ने दावा किया कि तीन घंटे का उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा, ‘‘चक्का जाम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।’’

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी और यातायात का मार्ग बदलने के लिये सभी प्रबंध किये गये थे। उनके अनुसार पंजाब और हरियाणा में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये थे।

चंडीगढ़-जिराकपुर, अमृतसर-पठानकोट, तरनतारन-कपूरथला, फिरोजपुर-फाजिल्का, मुक्तसर-कोटकपुरा, बठिंडा-चंडीगढ़, लुधियाना-जालंधर, पंचकूला-पिंजोर, पटियाला-कैथल, जींद-करनाल, करनाल-कैथल, अंबाला-चंडीगढ़, अंबाला-हिसार और मानसा-सिरसा समेत कई राजमार्गों को प्रदर्शनकारी किसानों ने जाम कर दिया।

अंबाला के निकट शंभू में तथा पंजाब एवं हरियाणा में कई टॉल प्लाजा पर किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि एंबुलेंस और स्कूल बसों को इस दौरान छूट दी गयी थी।

कुंडली-मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर भी यातायात बाधित हो गया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस, सैन्य वाहनों एवं स्कूल बसों को छूट दी गयी थी।

कोकरीकलां ने कहा कि उनके संगठन ने पंजाब के संगरूर, बरनाला और बठिंडा समेत 15 जिलों के 33 स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध की।

किसानों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ‘जय जवान, जय किसान’ और ‘किसान एकता जिंदाबाद’ के नारे लिखे थे। उन्होंने नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग नहीं मानने को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे भी लगाये।

सुबह के समय किसानों ने दोनों राज्यों में चक्का जाम के लिये प्रदर्शन स्थलों पर एकत्रित होना शुरू कर दिया। उन्होंने सड़कों पर ट्रैक्टर ट्रोलियां और अन्य वाहन खड़े कर दिये। पंजाब के संगरूर और लुधियाना समेत कई स्थानों पर अच्छी खासी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

शंभू में प्रदर्शनकारी ने कहा, '' सरकार को तीनों कानूनों को वापस ले लेना चाहिए क्योंकि ये कानून कृषक समुदाय के पक्ष में नहीं हैं।''

पंजाबी अभिनेताओं-बिन्नू ढिल्लों, देव खरौद और गायक पम्मी बाई ने पटियाला में प्रदर्शन किया।

फगवाड़ा में भारती किसान यूनियन (दोआब) नेता किरपाल सिंह मूसापुर ने बताया कि प्रदर्शनकारी एक चीनी मिल के पास धरने पर बैठ गये और उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाये।

मूसापुर ने बताया कि प्रदर्शनकारी ने हार्न भी बजाया।

केंद्र के नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए किसान पिछले साल नवंबर से हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से लगी दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।

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Web Title: Chakka jam: farmers blocked roads in Punjab, Haryana

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