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आदिवासी नायक बिरसा मुंडा, सरदार वल्लभभाई पटेल और अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, मोदी सरकार ने समिति गठित कीं, जानें इतिहास

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 25, 2025 16:57 IST

संस्कृति मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त को प्रकाशित राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने के लिए सक्षम प्राधिकारी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।’’

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ठळक मुद्देपटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था तथा वह एक स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री थे।‘भारत के लौह पुरुष’ के रूप में भी जाना जाता है और उनके सम्मान में गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाया गया है। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाने के लिए सक्षम प्राधिकारी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्लीः सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल और आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी मनाने के लिए तीन उच्च स्तरीय समितियां गठित की हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी तीन समितियों की अध्यक्षता करेंगे। केंद्र ने तीन अलग-अलग गजट अधिसूचनाओं में समितियों के गठन की घोषणा की है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त को प्रकाशित राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने के लिए सक्षम प्राधिकारी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।’’

पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था तथा वह एक स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री थे। उन्हें ‘भारत के लौह पुरुष’ के रूप में भी जाना जाता है और उनके सम्मान में गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाया गया है। मंत्रालय द्वारा 23 अगस्त को प्रकाशित एक अन्य गजट अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाने के लिए सक्षम प्राधिकारी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।’’ आदिवासी नायक मुंडा एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे।

मंत्रालय द्वारा सोमवार को प्रकाशित एक अलग गजट अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती मनाने के लिए सक्षम प्राधिकारी ने एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है।’’ वाजपेयी तीन कार्यकाल तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।

उनका पहला कार्यकाल 13 दिनों के लिए (16 मई - 1 जून 1996), दूसरा लगभग एक वर्ष के लिए (1998-99) और तीसरा पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए (1999-2004) था। उनके शासनकाल में भारत ने 1998 में अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।

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