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महामारी के बावजूद सुधार कर रही है केन्द्र सरकार: सीतारमण

By भाषा | Updated: July 2, 2021 21:52 IST

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बेंगलुरु, दो जुलाई केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला

सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने को लेकर सक्रिय रही है और महामारी के बावजूद सुधार भी कर रही है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘मार्च 2020 में शुरू हुई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) को इस मार्च से नवंबर तक फिर से बढ़ा दिया गया है, और केंद्र सरकार कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों का जवाब देने में बहुत सक्रिय रही है।’’ सीतारमण ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘एक ऐसे चरण से जब हमने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का निर्माण भी नहीं किया था, और हमारे पास पर्याप्त वेंटिलेटर नहीं थे और नमूनों की जांच के लिए पर्याप्त केन्द्र भी नहीं थे, हमने एक लंबा रास्ता तय किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मार्च 2020 से जून 2021 तक, सबसे गरीब से गरीब व्यक्ति को जो मदद देने की आवश्यकता है, उसे बढ़ाया जा रहा है, इसके अलावा अर्थव्यवस्था के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, रिजर्व बैंक भी ऋण सहायता की निगरानी और विस्तार कर रहा है।’’

सीतारमण का कर्नाटक का दो दिवसीय दौरा आज समाप्त हुआ जहां उन्होंने परियोजनाओं की समीक्षा की, बायोटेक क्षेत्र से उद्योग जगत के नेताओं के साथ बातचीत की और राज्य में कुछ टीकाकरण और कोविड बुनियादी ढांचे की भी समीक्षा की। ईंधन की बढ़ती कीमतों और क्या सरकार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाने पर विचार कर रही है, मंत्री ने कहा कि पेट्रोल पर शुल्क केंद्र और राज्य दोनों द्वारा लगाया जाता है और दोनों को ही इस पर मिलकर काम करना होगा।

कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रतिलीटर से अधिक पहुंच गई है। सीतारमण ने कहा, ‘‘केंद्र एक निश्चित राशि वसूल करता है, जबकि राज्य कीमतों में वृद्धि के रूप में दर बढ़ाते हैं ... अब जैसा कि सभी जानते हैं कि डॉलर के संदर्भ में प्रति बैरल की कीमत 75-76 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है। इसलिए ईंधन की कीमत का यह मुद्दा काफी बहुस्तरीय है, केंद्र और राज्य को मिलकर काम करना होगा।’’

पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर सीतारमण ने कहा कि केंद्र की ओर से कोई बाधा नहीं है और जीएसटी परिषद को फैसला करना होगा।

जब एक पत्रकार ने पूछा कि कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य होने के नाते उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन लोग अब कुछ हद तक निराश हैं, तो सीतारमण ने कहा, ‘‘आपका (पत्रकार) जो नजरिया आप कहते हैं, वह जनता का भी नजरिया है कि यहां से एक सांसद के रूप में मैं उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पायी हूं, मुझे खेद है कि मैं आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पायी। मैं कोशिश करूंगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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