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केंद्र ने कोविड के साप्ताहिक मामले, संक्रमण दर बढ़ने व जांच पर लद्दाख, पुडुचेरी को लिखा पत्र

By भाषा | Updated: November 20, 2021 17:15 IST

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नयी दिल्ली, 20 नवंबर साप्ताहिक कोविड मामलों, जांच और संक्रमण दर में बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुडुचेरी और लद्दाख को पत्र लिखकर उनसे प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई को कहा जिससे स्थिति को काबू में किया जा सके।

इससे पहले, मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की राज्य सरकारों को कोविड-19 के मामलों और साप्ताहिक संक्रमण दर में बढ़ोतरी को देखते हुए हालात की समीक्षा करने और जांच बढ़ाने के लिए कहा था।

इस सप्ताह लद्दाख के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने 27 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 34 मामलों से 17 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 157 मामले के साथ साप्ताहिक नए मामलों में 362 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि यह भी चिंताजनक है कि केंद्र शासित प्रदेश ने साप्ताहिक संक्रमण दर में 156 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रदर्शित की है, जो 26 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 16 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 3.9 प्रतिशत हो गई है।

आहूजा ने कहा, “इसके अलावा, विभिन्न जिलों में साप्ताहिक मामलों, परीक्षण और संक्रमण दर के संबंध में चिंताजनक रुझान देखे गए हैं। साप्ताहिक नए मामलों की संख्या में वृद्धि: लेह जिले ने साप्ताहिक नए मामलों में 27 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में 35 मामलों से 17 नवंबर को समाप्त हुए हफ्ते में 362 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि प्रदर्शित करते हुए 139 मामले दर्ज किए हैं। यह विशेष रूप से जिले के भौगोलिक विस्तार को देखते हुए चिंताजनक है।”

लेह ने भी साप्ताहिक संक्रमण दर में 143 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है जो 26 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 1.98 प्रतिशत से बढ़कर 16 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 4.81 प्रतिशत हो गई है।

यद्यपि केंद्र शासित प्रदेश में साप्ताहिक जांच के मामलों में वृद्धि हुई है लेकिन आरटी-पीसीआर परीक्षण के अनुपात में कमी देखी गई है। कारगिल (26.8 प्रतिशत) ने 70 प्रतिशत आरटी पीसीआर योगदान के सरकारी जनादेश से कम दर्ज किया है।

अधिकारी ने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति की अधिक सटीक तस्वीर लेने के लिए अधिक से अधिक संख्या में आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की सलाह दी।

आहूजा ने पत्र में कहा, “यह देखा गया है कि मामले तेजी से बढ़ते हैं जहां बुनियादी सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति (परीक्षण, निगरानी, उपचार, कोविड-उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण) का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है। आरटी-पीसीआर परीक्षण में कमी, नए मामलों और जांच सकारात्मकता में वृद्धि के मौजूदा रुझान अगर अनियंत्रित छोड़ दिया गया तो ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है जहां स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर गंभीर दबाव हो।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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