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जम्मू कश्मीर में बिगड़ते हालात के लिए केंद्र जिम्मेदार : महबूबा मुफ्ती

By भाषा | Updated: October 8, 2021 20:05 IST

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श्रीनगर, आठ अक्टूबर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आतंकवादियों की गोलियों की शिकार एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका के परिवार से मिलने के बाद शुक्रवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए गलत कदम जम्मू कश्मीर में ‘‘बिगड़ती’’ स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

कश्मीर घाटी में पांच दिनों में आतंकवादियों द्वारा सात नागरिकों की हत्याओं के बीच महबूबा ने मांग की कि है बार-बार हो रही सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेही तय की जाए। शहर के एक सरकारी स्कूल के अंदर बृहस्पतिवार को प्रधानाध्यापिका सुपिन्दर कौर और शिक्षक दीपक चंद की गोली मारकर हत्या कर दी गयी।

महबूबा ने कौर के अलूचीबाग स्थित आवास के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं और इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाली सरकार जिम्मेदार है। सरकार द्वारा पांच अगस्त 2019 (अनुच्छेद 370 को निरस्त करने) के बाद से और उससे पहले उठाए गए गलत कदम कश्मीर में तेजी से बिगड़ते हालात के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।’’

पीडीपी प्रमुख अपनी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करने के लिए कौर के परिवार से मिलने गईं। महबूबा ने कहा, ‘‘उनके दो छोटे बच्चे हैं...वे कहां जायेंगे? हमारे सिख भाई हमारे साथ रहे हैं, इन सभी वर्षों में हमारे कठिन समय में हमारा साथ दिया है। उन पर भी हमला किया गया है जो बेहद निंदनीय है।’’

महबूबा ने ट्वीट किया, ‘‘यहां हर कोई दमन और भय के माहौल में जी रहा है। सत्ता में शीर्ष पर बैठे जिम्मेदार लोगों को बार-बार हो रही इन सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’’ पीडीपी प्रमुख ने दावा किया कि यह साबित हो गया है कि सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह के हमलों के बारे में पहले से सूचना थी। महबूबा ने सवाल किया, ‘‘फिर भी वे इन बेकसूर लोगों के जीवन की रक्षा करने में विफल रहे। क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि वे अपनी सारी ऊर्जा सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने और आम कश्मीरियों के पासपोर्ट जब्त करने में लगा रहे हैं?’’

महबूबा ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने हत्याओं के मद्देनजर एकता मार्च निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा, ‘‘विडंबना यह है कि भारत सरकार अफवाह फैलाती है कि कश्मीरी मुसलमान यहां अल्पसंख्यकों के लिए खड़े नहीं होते हैं। सच्चाई यह है कि इस तरह के दुर्भावनापूर्ण घृणित प्रचार भाजपा के चुनावी विमर्श और संभावनाओं के अनुकूल है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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