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10 और 12वीं बोर्ड परीक्षाः सीबीएसई ने नई स्कीम का किया ऐलान, साल में दो बार होंगी परीक्षाएं, देखें गाइडलाइन

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 5, 2021 21:27 IST

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2022: पहली परीक्षा नवंबर-दिसंबर में जबकि दूसरी परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी।

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ठळक मुद्देअकादमिक सत्र को 50 -50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के अनुसार दो भागों में विभाजित किया जाएगा।सीबीएसई की 2022 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं के बारे में निर्देश जारी हुआ।2021-22 में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रमों को युक्तिसंगत बनाएगी।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2022:सीबीएसई ने 2021-22 सत्र की 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाओं के लिये विशेष मूल्यांकन योजना घोषित की।

सीबीएसई की 2022 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं के बारे में निर्देश जारी हुआ। अकादमिक सत्र को 50 -50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के अनुसार दो भागों में विभाजित किया जाएगा। पहली परीक्षा नवंबर-दिसंबर में जबकि दूसरी परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 10वीं और 12वीं की अगले साल की बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष मूल्यांकन योजना की सोमवार को घोषणा की और शिक्षण सत्र को दो हिस्सों में बांट दिया।

दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022

बोर्ड ने 2021-22 शिक्षण सत्र के पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने और आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट आदि को अधिक ‘‘विश्वसनीय’’ और ‘वैध’ बनाने संबंधी योजना की भी घोषणा की है। सीबीएसई के निदेशक (शिक्षण) जोसेफ इमैनुएल द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में होगी जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022 में होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षण सत्र 2021-22 के लिए पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत तरीके से दो टर्म में बांटा जाएगा, इसके लिए विषयों के विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्य्रकम को दो हिस्सों में बांटे जाने के आधार पर प्रत्येक टर्म के अंत में बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। शिक्षण सत्र के अंत में बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने की संभावनाओं को बढ़ाने के लक्ष्य से ऐसा किया गया है।’’

इस वर्ष संपूर्ण बोर्ड परीक्षा को रद्द करना पड़ा

बोर्ड परीक्षा 2021-22 के पाठ्यक्रम को जुलाई 2021 में अधिसूचित अंतिम शिक्षण सत्र के लिहाज से युक्तिसंगत बनाया जाएगा। इमैनुएल ने कहा, ‘‘आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक, परियोजना कार्यों को अधिक विश्वासनीय और दिशा-निर्देशों के अनुसार वैध बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे और निष्पक्ष तरीके से अंक दिए जाने के लिए बोर्ड द्वारा नीति की घोषणा की जाएगी।’’ बोर्ड द्वारा यह योजना कोविड महामारी की वजह से लाई गई है जिसके कारण पिछले साल कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा और इस वर्ष संपूर्ण बोर्ड परीक्षा को रद्द करना पड़ा है।

टॅग्स :सीबीएसईएजुकेशनभारत सरकार
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