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सीबीएसई मूल्यांकन योजना अंतिम हो चुकी है, शीर्ष अदालत की स्वीकृति की मुहर लग गई है: न्यायालय

By भाषा | Updated: December 6, 2021 21:19 IST

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नयी दिल्ली, छह दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कक्षा 12वीं के उन छात्रों के अंकों के आकलन की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की योजना ‘‘अंतिम हो’’ चुकी है और उस पर शीर्ष अदालत की स्वीकृति की मुहर भी लग गई है, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं इस सल की शुरुआत में कोविड-19 महामारी के चलते रद्द हो गई थी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह सीबीएसई की योजना को फिर नहीं खोलेगी और उन याचिकाकर्ताओं को भी इसे चुनौती देने भी अनुमति नहीं है, जिन्हें इस योजना और अंकों के मूल्यांकन को लेकर शिकायत है।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील से कहा, ‘‘जहां तक ​​फार्मूले का सवाल है, हम इसे बहुत स्पष्ट कर रहे हैं कि यह अंतिम हो चुकी है। हम उस मुद्दे को फिर से नहीं खोलेंगे।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता सीबीएसई द्वारा तैयार की गई योजना में निर्धारित अनुपात पर सवाल उठा रहे हैं, जिसे शीर्ष अदालत की मंजूरी मिल गई है और पुनर्विचार के लिए इसी तरह की दलीलें पहले खारिज कर कर दी गई थी।

याचिका का निस्तारण करते हुए, पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में प्राधिकार के समक्ष अपने प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाएंगे और उस पर निर्णय अंतिम रूप दी गई योजना के तहत उसके गुणदोष के आधार पर लिया जाएगा।

पीठ ने कहा, ‘‘दूसरे शब्दों में, याचिकाकर्ताओं को अंकों के मूल्यांकन के उद्देश्य से योजना या उसमें निर्धारित अनुपात को चुनौती देने का अधिकार नहीं होगा। इसे बरकरार रखा गया है और पिछले आदेशों में इस अदालत की मंजूरी मिल चुकी है।’’

पीठ ने कहा कि इस आदेश की प्रति प्राप्त होने के तीन सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन पर शीघ्रता से निर्णय लिया जाना चाहिए।

गत 17 जून को, शीर्ष अदालत ने काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) और सीबीएसई की मूल्यांकन योजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसने दसवीं कक्षा, 11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के परिणामों के आधार पर 12वीं कक्षा के छात्रों के अंक मूल्यांकन में क्रमश: 30:30:40 का फार्मूला अपनाया गया था।

सीबीएसई ने पहले कहा था कि वह थ्योरी के लिए कक्षा 12 के छात्रों का मूल्यांकन दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंक से 30 प्रतिशत, कक्षा 11 में प्राप्त अंक से 30 प्रतिशत और 40 प्रतिशत कक्षा 12 के यूनिट, मिड टर्म और प्रीबोर्ड टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर करेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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