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सीबीआई ने एक करोड़ रुपये की घूसखोरी के मामले में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, दो अन्य को गिरफ्तार किया

By भाषा | Updated: January 17, 2021 23:33 IST

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नयी दिल्ली, 17 जनवरी सीबीआई ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की घूस लेने के मामले में रविवार को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें एक निजी कंपनी को परियोजनाओं के ठेके दिलाने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि 1985 बैच के भारतीय रेलवे आभियांत्रिकी सेवा (आईआरएसई) के अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को असम में गुवाहाटी के मालीगांव से गिरफ्तार किया गया, वहीं दो अन्य-आरोपियों कंपनी एबीसीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी भूपेंद्र रावत और इंद्र सिंह को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया गया जहां चौहान के निर्देश पर कथित रूप से रिश्वत का लेनदेन हो रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि 2.14 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। इनमें से एक करोड़ रुपये देहरादून से और 54 लाख रुपये तलाशी के दौरान तथा 60 लाख रुपये वे हैं जो रिश्वत के तौर पर दिए गए थे।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार आरोपियों और कंपनी के अलावा रेलवे के अधिकारियों हेम चंद बोरा (उप मुख्य अभियंता), लक्ष्मीकांत वर्मा (सहायक अधिशासी अभियंता) तथा एबीसीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन बैद के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

उन्होंने कहा कि आरोप है कि 58 वर्षीय चौहान ने निजी कंपनी को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) की अनेक परियोजनाओं के ठेके दिलाने के बदले कथित तौर पर घूस मांगी थी। एनएफआर का मुख्यालय मालीगांव में है।

अधिकारियों के अनुसार चौहान ने रिश्वत की राशि कथित तौर पर देहरादून में अपने घर में पहुंचाए जाने की मांग की थी।

सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने एक बयान में बताया कि लोक अधिकारियों द्वारा रिश्वत के बदले में ठेकेदारों को कथित तौर पर ठेके देने, बाद में बिलों को बनाने व भुगतान जारी करने में मदद की जाती थी।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी का निदेशक बैद पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र में चल रही विभिन्न परियोजनाओं को लेकर चौहान के संपर्क में था।

बयान में बताया गया है कि आरोप है कि उसकी मांग पर निदेशक ने अपने कर्मी के जरिए रिश्वत के एक करोड़ रुपये देहरादून में सीएओ के निवास पर उसके रिश्तेदार को पहुंचाए।

अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों की गिरफ्तारी के फौरन बाद सीबीआई के दलों ने दिल्ली, असम, उत्तराखंड, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में 21 जगहों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

सीबीआई ने घूस की रकम और एनएफआर की परियोजनाओं के अनेक ठेकों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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