राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला

By भाषा | Updated: October 27, 2021 18:21 IST2021-10-27T18:21:51+5:302021-10-27T18:21:51+5:30

Campaigning for by-elections in two assembly seats in Rajasthan ends, main contest between Congress and BJP | राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला

राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला

जयपुर, 27 अक्टूबर कांग्रेस शासित राजस्थान में वल्लभनगर (उदयपुर) और धरियावाद (प्रतापगढ़) विधानसभा सीट पर 30 अक्टूबर को होने जा रहे उपचुनाव के लिए बुधवार शाम मतदान से 72 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार थम गया। उपचुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच है। वहीं, क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने से चुनाव और रोचक हो गया है।

सत्तारूढ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

धरियावाद में भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा और वल्लभनगर में कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन के कारण उपचनुाव कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई मंत्रियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में दो बार रैलियों को संबोधित किया और कांग्रेस के अन्य नेता पिछले कई दिनों से दोनों विधानसभा क्षेत्रों में डेरा जमाए हुए हैं। वहीं, विपक्षी भाजपा की ओर से केन्द्रीय मंत्रियों सहित प्रदेश स्तर के नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के साथ कोरोना प्रबंधन और महंगाई, ईंधन और घरेलू सिलेंडर की कीमतों पर ध्यान केन्द्रित कर इसे भुनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्षी भाजपा प्रदेश की कानून व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है तथा जनता को केन्द्र सरकार की उपलब्धियां बताकर लुभाने का प्रयास कर रही है।

वल्लभनगर से कांग्रेस ने शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने भाजपा के बागी उदयलाल डांगी को मैदान में उतारा है। जनता सेना के प्रमुख और भाजपा के पूर्व नेता रणबीर सिंह भिंडर के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला बहुकोणीय बन गया है।

भाजपा ने वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में भिडंर की पत्नी दीपेन्द्र कुंवर को टिकट नहीं दिया था और उन्होंने जनता सेना के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया था।

वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व रहा है और विधानसभा चुनावों में इस सीट पर अधिकतर जीत दर्ज की है। 2003 में भाजपा के रणबीर सिंह भिंडर ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी और उसके बाद 2013 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।

जनता की सहानुभूति भुनाने के लिए कांग्रेस ने गजेन्द्र सिंह शक्तावत की पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने नए चेहरे के रूप में हिम्मत सिंह झाला को टिकट दिया है।

भिंडर एक बार फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं, वहीं भाजपा के बागी उदयलाल डांगी आरएलपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं।

वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

धरियावाद (अनुसूचित जनजाति) सीट पर भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के बागी थावरचंद ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान उतरकर कांग्रेस उम्मीदवार नगराज मीणा और भाजपा के खेत सिंह के बीच मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

मंगलवार को रैलियों के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस सरकार की मजबूती के लिए वोट देने की अपील करते हुए महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा था।

उपचुनाव में दोनों सीटों पर कांग्रेस की जीत का विश्वास जताते हुए गहलोत ने दावा किया कि भाजपा वल्लभनगर में चौथे नंबर पर है।

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस शासन में महिलाओं, दलितों पर अपराधों में वृद्धि हुई है और कांग्रेस सुशासन देने में विफल रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में काफी आक्रोश है।

उन्होंने कहा, ‘‘उपचुनाव में दोनों सीटों पर भाजपा की जीत होगी क्योंकि कांग्रेस शासन से जनता त्रस्त है। बिजली की दरों में बढ़ोतरी, अघोषित बिजली कट, किसानों की अधूरी कर्ज माफी, बिगड़ती कानून व्यवस्था इस उपचुनाव के मुद्दे हैं जो निर्णायक भूमिका निभाएंगे।’’

वल्लभनगर सीट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने निर्दलीय उम्मीदवार रणबीर सिंह भिडंर को 3719 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं, धरियावाद में भाजपा के गौतम मीणा ने कांग्रेस के नगराज मीणा को 23 हजार 842 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने नगराज मीणा को धरियावाद से चुनाव मैदान में उतारा है।

दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 30 अक्टूबर को मतदान होगा और मतों की गणना दो नवंबर को होगी।

राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 106 सीट हैं। वहीं, भाजपा के 71, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन, माकपा और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल का एक और 13 निर्दलीय विधायक हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Campaigning for by-elections in two assembly seats in Rajasthan ends, main contest between Congress and BJP

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे