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मंत्रिमंडल ने नीमच-रतलाम, राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी

By भाषा | Updated: September 29, 2021 18:35 IST

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नयी दिल्ली, 29 सितंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नीमच-रतलाम रेल लाइन और राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी ।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी।

सरकारी बयान के अनुसार, राजकोट-कनालूस रेल लाइन के दोहरीकरण की इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,080.58 करोड़ रुपये और बढ़ी हुई/कार्य समापन लागत 1,168.13 करोड़ रुपये होगी।

इसमें कहा गया है कि इस लाइन के दोहरीकरण की कुल लंबाई 111.20 किलोमीटर है तथा यह परियोजना चार साल में पूरी होगी।

बयान के अनुसार, नीमच-रतलाम रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,095.88 करोड़ रुपये और बढ़ी हुई/कार्य समापन लागत 1,184.67 करोड़ रुपये होगी।

इस लाइन के दोहरीकरण की कुल लंबाई 132.92 किलोमीटर है तथा यह परियोजना चार साल में पूरी होगी।

बयान में कहा गया है कि नीमच-रतलाम खंड की लाइन क्षमता उपयोग रख-रखाव ब्लॉकों के साथ 145.6 प्रतिशत तक है तथा इस परियोजना मार्ग खंड पर बिना रख-रखाव ब्लॉक के भी अधिकतम क्षमता से भी कहीं अधिक माल ढुलाई यातायात हो गया है।

इसमें कहा गया है, ‘‘ सीमेंट कंपनियों के कैप्टिव पॉवर प्‍लांट के लिए मुख्‍य आवक माल यातायात के रूप में कोयले की ढुलाई की जाती है। नीमच-चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में सीमेंट ग्रेड, चूना पत्थर के विशाल भंडारों की उपलब्धता होने से नए सीमेंट उद्योगों की स्थापना के कारण इस खंड पर यातायात में और बढ़ोतरी होगी।’’

बयान के अनुसार, राजकोट-कनालूस रेल लाइन खंड पर संचालित मौजूदा माल यातायात मुख्य रूप से पेट्रोल, तेल, कोयला, सीमेंट, उर्वरक और खाद्यान्नों का है। माल निजी क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों से भी जुड़ा होता है, जिन्हें परियोजना मार्ग से ले जाया जाता है।

इसमें कहा गया है कि भविष्य में रिलायंस पेट्रोलियम, एस्सार ऑयल और टाटा केमिकल जैसे बड़े उद्योगों द्वारा पर्याप्त मात्रा में माल ढुलाई करने का अनुमान है।

सरकार का मानना है कि राजकोट-कनालूस के बीच एकल बड़ी लाइन पर बहुत भीड़-भाड़ हो गई है और परिचालन कार्य को सरल बनाने के लिए एक अतिरिक्त समानांतर बड़ी लाइन बिछाने की आवश्यकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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