Delhi Budget 2026: क्या है ANMOL स्कीम? सीएम रेखा गुप्ता ने बजट से दिया नवजात शिशुओं को तोहफा
By अंजली चौहान | Updated: March 24, 2026 13:17 IST2026-03-24T13:10:07+5:302026-03-24T13:17:42+5:30
Delhi Budget 2026: नवजात शिशुओं में आनुवंशिक और अन्य वंशानुगत बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके और परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो सके।

Delhi Budget 2026: क्या है ANMOL स्कीम? सीएम रेखा गुप्ता ने बजट से दिया नवजात शिशुओं को तोहफा
Delhi Budget 2026:दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अपना बजट पेश किया है। विधानसभा में बजट पेशी के दौरान नवजात शिशुओं के लिए नई योजना की घोषणा की गई। इसके तहत जेनेटिक बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए 'ANMOL' योजना शुरू की जा रही है, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस पहल के तहत, 56 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ़्त किए जाएंगे।
#WATCH बजट सेशन के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "इस साल हमने रेवेन्यू खर्च के लिए 70.3% और कैपिटल खर्च के लिए 29.7% (बजट में) रखा है। हम पिछले साल से ज़्यादा कैपिटल खर्च भी करने जा रहे हैं। साल 2025-2026 के लिए टैक्स और GSDP रेश्यो 4.95% था और साल 2026-2027 के लिए यह… pic.twitter.com/pqTMNcQzDV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 24, 2026
साथ ही, राजधानी में इमरजेंसी केयर सेवाओं को मज़बूत करने के लिए GTB अस्पताल में एक नया ट्रॉमा सेंटर खोला जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 820 और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स के लिए 762 की जाएगी।
दिल्ली सरकार ने अपने नवीनतम बजट में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण धनराशि आवंटित की है, जो चिकित्सा अवसंरचना और पहुंच के विस्तार पर सरकार के विशेष ध्यान को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग को कुल 12,746 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दिल्ली में फिलहाल 75 लाख लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी दिया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यापक और समावेशी पहुंच सुनिश्चित होगी। सरकार ने 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की घोषणा की है। फिलहाल, ऐसे 350 केंद्र पहले से ही कार्यरत हैं।