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Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 10 में से एक या शून्य नंबर दे सकते हैं, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा

By भाषा | Updated: February 1, 2020 17:51 IST

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ''मैंने हाल के वर्षों का सबसे लंबा बजट भाषण देखा। यह 160 मिनट तक चला। मुझे समझ नहीं आया कि बजट 2020-21 से क्या सन्देश देने का इरादा था।"

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ठळक मुद्देकेन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद छोड़ चुकी है।उन्होंने कहा, ''मुझे इस बजट में कोई यादगार विचार या बयान नहीं दिखा।''

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को पेश आम बजट में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि इस बजट को लेकर वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 10 में से एक या शून्य नंबर दे सकते हैं।

उन्होंने यह दावा भी किया कि बजट से साबित होता है कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद छोड़ चुकी है। चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ''मैंने हाल के वर्षों का सबसे लंबा बजट भाषण देखा। यह 160 मिनट तक चला। मुझे समझ नहीं आया कि बजट 2020-21 से क्या सन्देश देने का इरादा था।"

उन्होंने कहा, ''मुझे इस बजट में कोई यादगार विचार या बयान नहीं दिखा।'' यह पूछे जाने पर कि वह इस बजट के लिए वित्त मंत्री को 10 में से कितने नंबर देंगे तो चिदंबरम ने कहा, ‘‘10 में दो संख्या 1 और 0 होती हैं। आप दोनों में से कोई भी चुन सकते हैं। मेरे हिसाब से यह ठीक रहेगा।’’

पूर्व वित्त मंत्री ने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद छोड़ चुकी है। उन्होंने कहा, '' सरकार यह नहीं मान रही है कि अर्थव्यवस्था संकट में है। सरकार सुधार में यकीन नहीं रखती।''

चिदंबरम ने सवाल किया, ''क्या वित्त मंत्री ने आर्थिक समीक्षा नहीं पढ़ी? मुझे लगता है कि नहीं पढ़ी।'' उन्होंने कहा, ‘‘जनता ऐसा बजट नहीं चाहती थी और इस बजट के लिए भाजपा को वोट नहीं दिया था।’’ चिदंबरम ने एलआईसी में विनिवेश से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘जहां तक एलआईसी की बात है तो यह बहुत बहस का विषय है। एलआईसी में विनिवेश को लेकर हम पार्टी में चर्चा करेंगे और संसद में अपनी बात रखेंगे।’’

जम्मू-कश्मीर के लिए राशि के आवंटन पर उन्होंने कहा, ‘‘आजादी का विकल्प पैसा नहीं हो सकता। लोग छह महीनों से पाबंदी में हैं। पहले उनकी आजादी बहाल की जाए और फिर पैसा दिया जाए।’’ रक्षा बजट में करीब 19 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के बारे में पूछे जाने पर पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मेरा यह कहना है कि चीफ ऑफ डिफेंस को इस पर तेज आवाज में विरोध दर्ज कराना चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं तो हम भी उनके साथ खड़े होकर विरोध दर्ज कराएंगे।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री सीतारमण ने शनिवार को संसद में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट पेश किया। उन्होंने इस बजट में व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती करने के साथ ही सस्ते मकानों पर कर लाभ बढ़ाने और कंपनियों पर लाभांश वितरण कर समाप्त करने की घोषणा की। 

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