लाइव न्यूज़ :

अनएकडेमी के शिक्षक ने आदिवासियों के खिलाफ की नस्लीय टिप्पणी, कहा- उनके पास दिमाग नहीं होता है, न जमीन के कागजात

By दीप्ती कुमारी | Updated: September 27, 2021 11:54 IST

अनएकडेमी के एक शिक्षक मे झूम खेती के बारे में पढ़ाने के दौरान आदिवासी जनजाति और किसान पर नस्लीय टिप्पणी की और उन्हें बिना दिमाग का कहा ।

Open in App
ठळक मुद्देअनएकडेमी के शिक्षक ने आदिवासी जनजाति के लिए गलत शब्द इस्तेमाल कियाशिक्षक ने कहा कि उनके पास दिमाग नहीं होता हैTIPRA के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा ने इसकी आलोचना की

दिल्ली : शिक्षा से संबंधित एडटेक स्टार्टअप अनएकडेमी के एक शिक्षक ने आदिवासियों के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षक को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है । 

ट्विटर पर साझा किए गए इस वी़डियो में फैकल्टी सिद्धार्थ सिंह मिशन आईएएस 2021 के तहत भूगोल विषय की अपनी कक्षा ले रहे थे और उस दौरान वह झूम खेती के बारे में बात कर रहे थे और वह पूर्वोत्तर के आदिवासी किसानों के खिलाफ बेहद नस्लवादी भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

यूपीएससी प्रशिक्षण वीडियो में झूम की खेती के बारे में बात करते हुए, फैकल्टी सिद्धार्थ सिंह कहते हैं, "झूम खेती के दौरान, क्या होता है कि ये आदिवासी लोग हमारे पास हैं । इन लोगों के पास न तो दिमाग है और न ही संपत्ति और न ही जमीन के दस्तावेज"।

सोशल मीडिया यूजर्स ने जल्द ही Unacademy के शिक्षक द्वारा नस्लीय टिप्पणियों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया । बाद में हंगामा होने पर इसे ऐप से हटा दिया गया । 

TIPRA के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा ने ट्विटर पर विभिन्न पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो की निंदा करने का आह्वान किया और कहा कि देश में नस्लवाद मौजूद है। उन्होंने ट्विटर पर पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी टैग किया। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों और भारत के अलग-अलग हिस्सों के सीएम से इस शिक्षा के खिलाफ लिखने का आग्रह करता हूं जो हमारे छात्रों को दी जा रही है। इस देश में जातिवाद मौजूद है, चाहे हम कितनी भी बार इसे अस्वीकार करने का प्रयास करें @SangmaConrad @ZoramthangaCM @BjpBiplab @ZoramthangaCM । 

देश के सबसे बड़े एड-टेक यूनिकॉर्न में से एक, Unacademy ने एक बयान जारी किया है और वीडियो पर खेद व्यक्त किया  और कहा है कि इसने शिक्षक को उनके आंतरिक आचार संहिता दिशानिर्देशों के अनुपालन में दंडित किया है। फर्म ने एक बयान में कहा, "यह ध्यान में लाया गया है कि सिंह ने" स्वदेशी जनजातियों के लोगों के खिलाफ "भेदभावपूर्ण और आहत करने वाली टिप्पणी की।

“ अनएकडेमी ने मूल वीडियो को हटा दिया है और हमारे आंतरिक आचार संहिता दिशानिर्देशों के अनुपालन में शिक्षक को दंडित किया है। Unacademy ने शिक्षक द्वारा की गई टिप्पणियों और टिप्पणी से हुई चोट के लिए बिना शर्त खेद व्यक्त किया ।  

टॅग्स :एजुकेशनFarmers
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारपल-पल बदलते रंग?, मौसम की मार और किसान परेशान?, आखिर क्या करें?

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

भारतबोर्ड एग्जाम में उसने 93.88% अंक हासिल किए थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था, राजस्थान की मेधावी छात्रा की हुई मौत

भारतउत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक के बेटे ने पहले ही प्रयास में राज्य की पीसीएस 2024 परीक्षा पास की

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos