लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीर में तैनात किए जाएंगे 'ब्लैक कैट' कमांडो, आतंकियों को करेंगे नेस्तनाबूद

By भाषा | Updated: April 30, 2018 17:40 IST

नाम जाहिर नहीं करने के अनुरोध पर एक अधिकारी ने बताया, 'हम कश्मीर में एनएसजी को तैनात करने की योजना बना रहे हैं।

Open in App

नई दिल्ली, 30 अप्रैलः आतंकवाद विरोधी बल एनएसजी के 'ब्लैक कैट' कमांडो को जल्द ही जम्मू कश्मीर में तैनात किया जाएगा जहां वे मुठभेड़ और लोगों को बंधक बनाने जैसी स्थितियों से निपटने में सुरक्षा बलों की मदद करेंगे। गृह मंत्रालय कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय सुरक्षा बल (एनएसजी) का एक दल तैनात करने के एक प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर रहा है ताकि उच्च जोखिम वाली, आतंकवाद से संबंधित घटना होने पर वे भारतीय सेना, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के साथ मिल कर काम कर सकें। 

नाम जाहिर नहीं करने के अनुरोध पर एक अधिकारी ने बताया, 'हम कश्मीर में एनएसजी को तैनात करने की योजना बना रहे हैं। उन्हें लोगों को बंधक बनाने और आतंकवादियों के हमले जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।'

जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने भी हाल ही में कहा था कि वह प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, 'उम्मीद है कि हम सफल होंगे।' यह पहली बार नहीं है जब 'ब्लैक कैट' के नाम से पहचाने जाने वाले एनएसजी कमांडो जम्मू कश्मीर में तैनात किये जाएंगे। इस बल के कमांडो पूर्व में भी घाटी में तैनात हो चुके हैं। 

अधिकारी ने बताया कि आतंकियों को पकड़ने के लिए की जाने वाली घेराबंदी के दौरान बंधकों को रिहा करने का उनका विशेष कौशल ऐसे हालात में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

हाल ही में तेलंगाना में एनएसजी के एक समारोह के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि देश के समक्ष नयी सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुये सरकार विचार कर रही है कि बल की भूमिका को कैसे बढ़ाया जा सकता है क्योंकि आतंकियों द्वारा लोगों को मानव ढाल बनाने और नागरिक परिसर में घुस आने वाली जैसी स्थिति में अभियानों के दौरान ये कमांडो एक ‘ बड़ी भूमिका ’ निभा सकते हैं। 

ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वर्ष 1984 में एनएसजी का गठन किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान पंजाब के अमृतसर शहर में स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकवादियों का सफाया किया गया था। इस समय एनएसजी में करीब 7,500 जवान हैं।

'ब्लैक कैट' कमांडो को मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमलों से , जनवरी 2016 में पठानकोट वायु सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले से और गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए आतंकी हमले से निपटने के लिए तैनात किया गया था। संसद में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जम्मू कश्मीर में इस साल जनवरी से मार्च के मध्य तक आतंकी हिंसा की करीब 60 घटनाएं हुईं जिनमें 15 सुरक्षा कर्मी और 17 आतंकी मारे गए। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीर समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया