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बीकेयू ने समर्थन के लिए चन्नी का शुक्रिया अदा किया, राजनीतिक दलों के साथ मंच साझा करने से इंकार

By भाषा | Updated: September 24, 2021 17:46 IST

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गाजियाबाद, 24 सितंबर भारतीय किसान यूनियन ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा किसान आंदोलन को समर्थन दिए जाने का स्वागत किया है, लेकिन कहा है कि उनका मंच किसी राजनीतिक दल के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन को विपक्षी पार्टियों द्वारा वित्तपोषित किए जाने के आरोपों का खंडन किया है।

बीकेयू के प्रवक्ता सौरभ उपाध्याय ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘पहली बात, यह किसी राजनीतिक पार्टी या विपक्ष के द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन नहीं है। यह भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषक विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन है।’’

उपाध्याय ने कहा, ‘‘ इसमें कोई संदेह नहीं है कि मौजूदा विपक्ष कमजोर है। हम प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए पंजाब के नए मुख्यमंत्री का स्वागत करते हैं। हालांकि, हम किसी भी राजनीतिक दल के साथ अपना मंच साझा नहीं करेंगे।’’

कांग्रेस पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष के बाद अमरिंदर सिंह की जगह लेने वाले चन्नी ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के शीघ्र बाद ही सोमवार को इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। बीकेयू ने विपक्षी पार्टियों द्वारा आंदोलन को वित्त पोषित किए जाने की खबरों का खंडन किया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में इस संगठन के सदस्य और समर्थक दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर गाजीपुर में डटे हुए हैं।

उपाध्याय ने तर्क देते हुए कहा, ‘‘अगर कांग्रेस ने इस आंदोलन का वित्त पोषण किया है तो फिर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों को अपने राज्य में टेंट (तिरपाल) लगाने देने के बजाय दिल्ली जाने के लिए क्यों कहा था। उन्होंने कहा था कि विरोध प्रदर्शन से पंजाब को नुकसान हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से संबद्धता से परे ये विरोध प्रदर्शन प्रत्येक राज्य में आयोजित हो रहे हैं। ये प्रदर्शन उत्तर प्रदेश, दिल्ली और यहां तक कि कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में भी आयोजित हुए।

वहीं, भविष्य की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उपाध्याय ने कहा कि आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) कर रहा है और बीकेयू इसका एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, ‘‘ 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद की सफलता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके बाद एसकेएम आंदोलन के लिए भविष्य की योजना पर निर्णय लेगा। बीकेयू किसानों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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