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भाजपा को मध्य प्रदेश में 15 साल के शासन का हिसाब देना चाहिए: कमलनाथ

By भाषा | Updated: September 19, 2020 20:06 IST

कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को अपने 15 माह के शासन का हिसाब देना चाहिए।

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ठळक मुद्देप्रदेश भाजपा के एक नेता ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में भाजपा सरकार का गठन हुआ है। कमलनाथ ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘’मुझे शिवराज सिंह से प्रमाण पत्र नहीं चाहिए, उन्होंने खुद 15 साल सत्ता में रहने का हिसाब नहीं दिया और हमसे 15 महीने का हिसाब मांगते हैं।"कमलनाथ ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने 26 लाख किसानों का कृषि ऋण माफ किया और वह मुख्यमंत्री चौहान को लाभार्थियों की सूची देने को तैयार हैं।

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने 15 साल सत्ता में रहने के बाद स्वयं का हिसाब नहीं दिया और उनसे 15 महीने के शासन का हिसाब मांगते हैं। कमलनाथ ने भाजपा पर प्रदेश में धन-बल के जरिए सत्ता में आने का भी आरोप लगाया।

वहीं, प्रदेश भाजपा के एक नेता ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में भाजपा सरकार का गठन हुआ है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के गृह क्षेत्र ग्वालियर में कमलनाथ ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘’मुझे शिवराज सिंह से प्रमाण पत्र नहीं चाहिए, उन्होंने खुद 15 साल सत्ता में रहने का हिसाब नहीं दिया और हमसे 15 महीने का हिसाब मांगते हैं।

भाजपा केवल प्रचार करना जानती है। 15 साल में शिवराज ने केवल घोषणाएं ही की हैं। जनता जानती है कि उनकी सरकार कैसे नोट से बनी और हमारी वोट से।’’ सिंधिया का नाम लिए बिना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विकास में ग्वालियर के पिछड़ने की बात करते हुए कहा कि आजादी के बाद मध्य प्रदेश की पहचान ग्वालियर से होती थी, उसमें इंदौर, भोपाल या जबलपुर का नाम नहीं होता था, लेकिन आज ग्वालियर-चंबल विकास में पीछे रह गया है।

कुल मिलाकर इस इलाके को विकास से वंचित रखा गया। अब यही विकास की बात आने वाला उपचुनाव तय करेगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कांग्रेस के रोड शो में जो भीड़ थी, वह सरकारी नहीं थी, बल्कि लोग अपनी मर्जी से शामिल होने आए थे। इससे जनता के मूड का पता चल रहा है। इसीलिए जो उपचुनाव होगा, वह ग्वालियर-चंबल के साथ मध्य प्रदेश का भविष्य को भी तय कर देगा।

मुख्यमंत्री रहते समय ग्वालियर नहीं आने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैंने यहां विकास और राजनीति के मुद्दे पर कभी दखल नहीं दिया, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं और यह इलाक़ा उनकी प्राथमिकता में रहेगा।’’ कमलनाथ ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने 26 लाख किसानों का कृषि ऋण माफ किया और वह मुख्यमंत्री चौहान को लाभार्थियों की सूची देने को तैयार हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘अभी भी मध्य प्रदेश में जांच कम हो रही है और सरकार प्रचार कर रही है कि कोरोना ज्यादा नहीं फैला है।’’ कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को अपने 15 माह के शासन का हिसाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले 15 साल में विभिन्न विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान बार-बार जनता के सामने गए। कांग्रेस नेताओं को विधानसभा के आगामी उपचुनाव के दौरान जनता से वोट मांगते समय अपनी 15 महीने की सरकार का हिसाब देना चाहिए।’’

अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से बनी है और जिन विधायकों ने कांग्रेस से त्यागपत्र दिया है, वे फिर से उपचुनाव में जनता के पास जा रहे हैं। 

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