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भाजपा नेताओं ने पार्टी विधायक पर हमले के खिलाफ अमरिंदर के आवास के बाहर धरना दिया

By भाषा | Updated: March 28, 2021 20:47 IST

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चंडीगढ़, 28 मार्च पंजाब भाजपा के कई नेताओं ने अबोहर से पार्टी के एक विधायक पर मुक्तसर जिले में हुए हमले के खिलाफ रविवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर धरना दिया।

फाजिल्का जिले के अबोहर से भाजपा विधायक अरुण नारंग के साथ शनिवार को प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने कथित तौर पर मारपीट की थी तथा उनके कपड़े फाड़ दिए थे। भाजपा नेता एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने के लिए मलोट गए थे।

पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनोर ने नारंग पर हमले की निंदा की और इस संबंध में कांग्रेस नीत सरकार से एक रिपोर्ट मांगी।

राज्यपाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री एवं राज्य में गृह प्रभार संभालने वाले अमरिंदर सिंह को घटना को लेकर अपनी चिंता से अवगत कराया।

भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी प्रदेश इकाई प्रमुख अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की और उसके बाद बदनोर ने घटना की निंदा की। केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने उनसे मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।

घटना को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद भाजपा नेता अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के आवास की ओर बढ़े। इस दौरान कुछ विधायकों ने विरोध के तौर पर अपनी कमीज भी उतार दी।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य में कांग्रेस नीत सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है।

शर्मा ने नारंग पर हमले की घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘क्या विपक्षी पार्टी (भाजपा) को अपना विचार रखने का अधिकार नहीं है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। हमने कभी भी लोकतंत्र को इस तरह शर्मसार करते हुए नहीं देखा। अरुण नारंग की क्या गलती थी? वह राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने वहां गए थे।’’

भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद ने अमरिंदर सिंह से इस्तीफे की मांग की।

सूद ने कहा, ‘‘भाजपा नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। राज्य में कहीं लोकतंत्र नहीं है। हम मुख्यमंत्री से यह कहने के लिए आए हैं कि वह राज्य चलाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

मुख्यमंत्री ने शनिवार को नारंग पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि राज्य में शांति भंग करने की कोशिश में लगे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बाद में, एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शर्मा ने कहा, ‘‘घटना ने राज्य सरकार के कानून और व्यवस्था की स्थिति के लंबे दावों को उजागर कर दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह (मलोट) घटना संकेत करती है कि राज्य में कोई कानून और व्यवस्था नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि अरुण नारंग को नहीं बल्कि विधानसभा को निर्वस्त्र किया गया है। किसी सदस्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी है।’’

शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नारंग पर हमला किया गया और ऐसा लगता है कि उनके हाथ बंधे हुए थे।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उन्हें भाजपा को इस तरह रोकने के लिए निर्देशित किया गया है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आप इस तरीके से भाजपा की आवाज़ को दबा सकते हैं?’’

शर्मा ने कहा, ‘‘लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राजनीतिक दलों के अधिकारों की रक्षा करना राज्य सरकार की मूल जिम्मेदारी है।’’

भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया, "अमरिंदर सिंह राज्य में भय का माहौल बनाना चाहते हैं।"

उन्होंने दावा किया, ‘‘आतंकवाद के समय के दौरान भी, राज्य में ऐसा माहौल नहीं था जो अमरिंदर सिंह सरकार ने अभी बनाया है। उस समय भी राजनीतिक दल अपने कार्यक्रम आयोजित करते थे और कोई भी किसी को मारने के लिए मंच पर नहीं आया। लेकिन आज स्थिति उससे भी खराब है।’’

राज्यपाल के साथ भाजपा के प्रतिनिधिमंडल की बैठक पर शर्मा ने कहा कि पार्टी ने बदनोर से राज्य सरकार को केंद्र से बर्खास्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुख्यमंत्री विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता है, तो वह राज्य के लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकता है? उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।’’

पंजाब में भाजपा के नेता पिछले चार महीनों से केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे किसानों के विरोध का सामना कर रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने कुछ अवसरों पर भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों को भी बाधित किया है।

इस बीच, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारंग पर हमले के खिलाफ राज्य में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुतले भी जलाए। विरोध प्रदर्शन गुरदासपुर, पटियाला, जालंधर, बटाला और लुधियाना में किए गए।

होशियारपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता अविनाश राय खन्ना के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने नारंग की सुरक्षा करने में ‘‘विफल’’ रहने के लिए पंजाब सरकार की निंदा की।

खन्ना ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने में "बुरी तरह विफल" रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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