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भाजपा मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता नहीं दे सकती, उन्हें पहले ही मिल चुकी है: ममता

By भाषा | Updated: April 10, 2021 18:44 IST

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बदुरिया/हिंगलगंज/बीजपुर, 10 अप्रैल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मतुआ समुदाय के सदस्यों से नागरिकता को लेकर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को दावा किया कि उन लोगों के पास पहले से ही नागरिक अधिकार हैं।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख बनर्जी ने दावा किया कि यदि भगवा पार्टी सत्ता में आई तो वह पश्चिम बंगाल के लोगों को हिरासत शिविरों में रखेगी, जैसा कि उसने असम में ''14 लाख बंगालियों'' के साथ किया है।

बनर्जी ने उत्तर 24 परगना में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, ''आपकी दीदी (खुद मुख्यमंत्री) पहले ही सरकारी या निजी जमीन पर रहने वाले मतुआ समुदाय के प्रत्येक शरणार्थी को भूमि दस्तावेज देकर लोगों को नागरिकता अधिकार प्रदान चुकी है।''

पूर्वी पाकिस्तान से संबंध रखने वाला मतुआ समुदाय हिंदुओं का पिछड़ा तबका है, जिसने विभाजन और बांग्लादेश की स्थापना के बाद भारत में प्रवास किया था।

राज्य में मतुआ समुदाय के लोगों की आबादी 30 लाख के करीब है, जो बांग्लादेश सीमा से लगे नदिया और उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना जिलों में 30 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव का रुख किसी भी पार्टी के पक्ष में मोड़ सकती है।

एक समय यह समुदाय टीएमसी का समर्थन करता था लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान इसने भाजपा का समर्थन किया। भाजपा का कहना है कि यदि वह सत्ता में आई तो उन्हें नागरिकता प्रदान की जाएगी।

बनर्जी ने बदुरिया में कहा, ''यदि आपके (मतुआ) बच्चे शिक्षण संस्थानों में पढ़ते हैं। यदि आपके नाम और पते पर बिजली और टेलीफोन के कनेक्शन हैं, तो आप पहले से ही नागरिक हैं। भाजपा आपको दोबारा नागरिकता देने का वादा कैसे कर सकती है?''

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मतुआ समुदाय के आध्यात्मिक गुरु हरिचंद ठाकुर के जन्मदिन को अवकाश घोषित किया है, लेकिन भगवा पार्टी ने अपने शासन वाले राज्यों में ऐसा नहीं किया है।

टीएमसी प्रमुख ने कहा कि भाजपा पिछड़े समुदाय के वोट हासिल करने के लिये घड़ियाली आंसू बहा रही है।

बीजपुर में एक अन्य रैली में उन्होंने प्रत्येक दुर्गा पूजा समितियों को दिये जाने वाले भत्तों और पुजारियों तथा इमामों के दिये जाने वाले वजीफे का जिक्र किया।

बनर्जी ने कहा, ''हम भेदभाव नहीं करते। हम हर समुदाय का खयाल रखते हैं। भाजपा की तरह नहीं, जो केवल टकराव के बीज बोती है।''

बनर्जी ने भाजपा पर राज्य के लोगों को हिरासत शिविरों में रखने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा, ''यदि आप असम के 14 लाख बंगालियों जैसी किस्मत नहीं चाहते हैं। यदि आप नहीं चाहते कि एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी) कवायद के बाद आपके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं, तो भाजपा को सत्ता में आने से रोकिये।

उन्होंने कहा कि टीएमसी ही भाजपा को पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने से रोक सकती है।

हिंगलगंज में बनर्जी ने वादा किया कि उनकी सरकार भविष्य में सुंदरबन का परिसीमन करके नया जिला बनायेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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