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भाजपा ने केजरीवाल पर भ्रम, अराजकता का ‘टूलकिट’ फैलाने का आरोप लगाया

By भाषा | Updated: May 19, 2021 18:41 IST

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नयी दिल्ली, 19 मई सिंगापुर में कोविड-19 के नए स्वरूप संबंधी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच भाजपा ने बुधवार को उन पर करारा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह उनके ‘‘भ्रम और अराजकता’’ फैलाने वाले ‘‘टूलकिट’’ का हिस्सा था।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि अपने गैरजिम्मेदाराना ट्वीट के जरिए देश की छवि के एवज में उन्होंने राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना को लेकर अरविंद केजरीवाल जी के ट्वीट पढ़ने के बाद ये चिंता हुई कि एक मुख्यमंत्री कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए, भ्रम और अराजकता की टूलकिट पेश कर देते हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में होड़ लगी है कि कौन देश में ज्यादा अस्थिरता फैलाएगा।’’

भाटिया ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) पीपीपी मॉडल का अनुसरण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पब्लिसिटी, पैटी पॉलिटिक्स और पैनिक (प्रचार, गंदी राजनीति और भय का माहौल)। इनका मकसद है कि इतना हाहाकार मचा दो जिससे अरविंद केजरीवाल से कोई प्रश्न ही न करे।’’

एक दिन पहले ही अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया था कि सिंगापुर में आया कोरोना का कथित नया स्वरूप बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक बताया जा रहा है, भारत में ये तीसरी लहर के रूप में आ सकता है।

केजरीवाल ने कहा था कि उनकी केंद्र सरकार से अपील है कि सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द हों और बच्चों के लिए भी वैक्सीन के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो ।

भाजपा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अंतर्राष्ट्रीय संबंध जैसे गंभीर विषय पर अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाते हुए गलत बयानी की।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड की दूसरी लहर में सिंगापुर लगातार भारत के साथ खड़ा रहा है और दिल्ली सहित भारत की मदद के लिए उसने सहायता की है। भारत के सिंगापुर से ऐतिहासिक और मित्रतापूर्ण संबंध हैं और केजरीवाल को कोई हक़ नहीं बनता कि वे देश के अंतर्राष्ट्रीय मामलों पर अनर्गल टिप्पणी कर उसे क्षति पहुंचाए।’’

उन्होंने कहा कि सिंगापुर ने उस समय मदद की जब दिल्ली सरकार क्रायोजेनिक टैंकर्स के लिए मदद की गुहार लगा रही थी।

कोरोना से निपटने की दिल्ली सरकार की तैयारियों के लिए केजरीवाल पर हमला करते हुए भाटिया ने कहा कि जब दिल्ली सरकार हर स्तर पर विफल हुई तब केंद्र सरकार, वायु सेना और सेना ने दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधा में सुधार का जिम्मा उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल जी, आपके बचकाने ट्वीट दिल्ली और देश के नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है, ये हमारा बड़ा आरोप है।’’

भाटिया ने केजरीवाल के बयान का बचाव करने के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि कोई अपनी छुद्र राजनीति चमकाने के लिए इतना नीचे कैसे गिर सकता है?

उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविकता तो यह है कि केजरीवाल सरकार आपको दिल्ली या देश के बच्चों के बारे में नहीं बल्कि अपनी इमेज के बारे में चिंता है, इसलिए तो सात साल में आपने दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाये जबकि अपनी गलत इमेज को सुधारने के लिए विज्ञापन के नाम पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये फूंक डाले।’’

सिसौदिया ने केजरीवाल की टिप्पणियों का बुधवार को बचाव किया। साथ ही भाजपा एवं उसकी सरकार पर इस मु्द्दे को लेकर “घटिया राजनीति” करने का आरोप लगाया।

सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा और केंद्र के बयान एवं प्रतिक्रियाएं दिखाती हैं कि वे सिंगापुर में अपनी “छवि” को लेकर “चिंतित” है, भारत में बच्चों को लेकर नहीं।

उन्होंने कहा, “केजरीवाल ने वायरस के सिंगापुर में मिले स्वरूप और बच्चों के बारे में बात की। मुद्दा सिंगापुर नहीं बल्कि बच्चे हैं।”

इससे पहले सिंगापुर की सरकार ने केजरीवाल की टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश मजबूत साझेदार हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री की टिप्पणी भारत का बयान नहीं है ।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ 'सिंगापुर और भारत कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मजबूत भागीदार रहे हैं। परिवहन एवं आपूर्ति केंद्र और ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता के रूप में हम सिंगापुर की भूमिका की सराहना करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि हमारी मदद के लिये सैन्य विमान तैनात करने का उनका भाव हमारे अभूतपूर्व संबंधों को स्पष्ट करता है ।

जयशंकर ने कहा, ‘‘कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना बयान से हमारी दीर्घकालिक साझेदारी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मैं स्पष्ट कर देता हूं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का बयान पूरे भारत का बयान नहीं है।’’

सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कोरोना वायरस का कोई ‘सिंगापुर स्वरूप’ नहीं है और हाल के सप्ताह में कोविड-19 के जो कई मामले सामने आए हैं, वे बी.1.617.2 स्वरूप के हैं जो सबसे पहले भारत में पाये गए थे।

इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, '‘ ‘सिंगापुर स्वरूप' वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराने के लिए सिंगापुर सरकार ने आज हमारे उच्चायुक्त को बुलाया था।’’

उन्होंने कहा कि हमारे उच्चायुक्त ने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास कोविड-19 के स्वरूप या नागर विमानन नीति पर कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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