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भाजपा ने कांग्रेस पर टीकाकरण अभियान को पटरी से उतारने की कोशिश का लगाया आरोप

By भाषा | Updated: June 16, 2021 22:26 IST

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नयी दिल्ली, 16 जून भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस पर स्वदेश निर्मित कोवैक्सीन टीके में गाय के बछड़े का सीरम इस्तेमाल किए जाने का भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा कर वह टीकाकरण अभियान को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि सरकार के स्पष्टीकरण और ऐसे दावे को खारिज करने के बाद भी कांग्रेस भ्रम फैलाने का ‘‘महापाप’’ कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोवैक्सीन की संरचना के बारे में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया है कि कोवैक्सीन टीके में नवजात बछड़े का सीरम है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ऐसे दावों में तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और गलत तरीके से पेश किया गया है।’’

कांग्रेस के सोशल मीडिया टीम के एक पदाधिकारी गौतम पांधी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘सरकार को लोगों की आस्था व मान्यताओं के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। यदि कोवैक्सीन या किसर अन्य टीके में गाय के बछड़े का सीरम है तो लोगों को यह जानने का अधिकार है। टीके आज जीवनरेखा है और आस्था व मान्यताओं को किनारे कर सभी का टीकाकरण (जब भी उपलब्ध हो) होना आवश्यक है।’’

इस बारे में जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से एक संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी इस बारे में कोई बयान सरकार के स्पष्टीकरण के बाद ही देगी।

कांग्रेस पर हमला करते हुए पात्रा ने कहा, ‘‘कुछ पार्टियां, खासकर कांग्रेस टीकाकरण अभियान को पटरी से उतारना चाहती है। वह टीकाकरण के बारे में भ्रम फैलाना चाहती है। कांग्रेस ने उद्दंडता, धृष्टता और महापाप किया। जनता उसे माफ नहीं करने वाली है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘कोवैक्सीन में गाय के बछड़े का सीरम नहीं मिला है और ना ही गाय का खून...यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी प्रकार का अपभ्रंश नहीं है।’’

पात्रा ने यह भी जानना चाहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अभी तक टीके लगवाए हैं कि नहीं और उन्हें कोवैक्सीन पर भरोसा है कि नहीं।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को टीकों को लेकर लोगों में भ्रम पैदा करने और उसके शासित राज्यों में टीकों की बर्बादी के लिए याद किया जाएगा।

देश के नये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों की जानबूझकर अवहेलना करने और उनका पालन करने में विफल रहने के लिए ट्विटर की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सर्वोपरि है और यहां व्यवसाय करने वालों को देश के नियमों का पालन करना होगा।

उन्होंने कहा कि इस बारे में केंद्रीय प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बारे में विस्तृत बयान दिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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